नयी दिल्ली, 15 जनवरी दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा आतंकवादी संगठनों से संबंध होने के आरोप में गिरफ्तार किये गये दो व्यक्ति आगामी महीनों में दक्षिणपंथी नेताओं की पहचान करने और उनकी हत्या करने की साजिश रच रहे थे। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आरोपियों जगजीत सिंह और नौशाद के किराए के आवास से दो हथगोले और तीन पिस्तौल बरामद की गई थी, जो पाकिस्तान के आईएसआई सदस्यों से कथित तौर पर जुड़े हुए हैं।
पुलिस ने कहा कि इन दोनों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्होंने अपने आकाओं से धन और हथियार प्राप्त किये थे।
दोनों की गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद विशेष प्रकोष्ठ ने शनिवार को भलस्वा डेयरी इलाके में एक नाले से क्षत-विक्षत शव बरामद किया था।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (विशेष प्रकोष्ठ) प्रमोद सिंह कुशवाह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आरोपियों को आतंकवादी संगठन में ‘‘अपनी क्षमताओं को साबित करने’’ के लिए कहा गया और उन्होंने 21 वर्षीय एक व्यक्ति को निशाना बनाया और उसका सिर कलम कर दिया। उन्होंने बताया कि पीड़ित हिंदू था, लेकिन उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें आरोपी व्यक्तियों के किराए के आवास पर खून के निशान मिले और हमें भलस्वा डेयरी के पास एक क्षत-विक्षत शव मिला। आरोपियों ने 15 दिसंबर को पीड़ित को उठाया, उसकी हत्या कर दी और इस कृत्य का वीडियो अपने आका सोहेल को भेज दिया, जो आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है और पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) से जुड़़ा है।’’
अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को दक्षिणपंथी नेताओं की पहचान करने और उनकी हत्या करने का काम सौंपा गया था।
कुशवाह ने कहा, ‘‘उन्होंने कुछ व्यक्तियों को निशाना बनाया था और आने वाले महीनों में वे अपनी साजिश को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। जगजीत को गैंगस्टर से आतंकवादी बने अर्शदीप सिंह गिल (उर्फ अर्श डल्ला) द्वारा निर्देश दिये जा रहे थे, जबकि नौशाद को सीमा पार से संदिग्ध आईएसआई आकाओं द्वारा नियंत्रित किया जा रहा था। उनकी गिरफ्तारी से एक बड़े आतंकवादी हमले को टाल दिया गया है।’’
पुलिस ने बताया कि पीड़ित को एक पार्क से उठाया गया था और शराब का लालच दिया गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी ने उसे निशाना बनाया, क्योंकि वह कमजोर था। उन्होंने बताया कि वे उसे शराब पिलाने के बहाने अपने घर भलस्वा डेयरी ले गए और उसकी हत्या कर दी।
उन्होंने कहा कि उसके शरीर के टुकड़े कर दिये गये और इन्हें ठिकाने लगाने से पहले कुछ दिनों के लिए आरोपियों ने अपने घर में रखा था।
उन्होंने बताया कि शरीर के छह अंग बरामद किए गए हैं और मौके से सबूत बरामद करने के लिए और छापेमारी की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि जगजीत सिंह और नौशाद की पहली मुलाकात हल्द्वानी जेल में हुई थी।
अधिकारी ने कहा, ‘‘जगजीत के खिलाफ 2018 में हल्द्वानी में हत्या का एक मामला दर्ज है। उसके ऊपर पुलिस से मुठभेड़ का एक और मामला भी दर्ज है। नौशाद के खिलाफ हत्या और रंगदारी के मामले दर्ज हैं। वह आतंक के आरोपों में शामिल कुछ लोगों से मिला और सीमा पार तत्वों के संपर्क में आया। इसी तरह, जगजीत बंबीहा गिरोह के संपर्क में आया और फिर अर्श डल्ला से जुड़ गया।’’
पुलिस ने बताया था कि इन लोगों को राष्ट्रीय राजधानी में गणतंत्र दिवस समारोह से पहले गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से तीन पिस्तौल और 22 कारतूस बरामद किए गए थे।
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