चेन्नई, छह जून तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक सरकारी अस्पताल ने एक खेतिहर मजदूर के शव को उत्तर भारतीय का मानकर एम्बुलेंस के जरिए बिहार भेज दिया गया।
जब तमिल मजदूर का परिवार शव को घर ले जाने के लिए तिरुवल्लूर अस्पताल आया तो उन्हें किसी अन्य व्यक्ति का शव दिखाया गया, जिससे वे स्तब्ध रह गए और उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया।
इसके बाद, तिरुवल्लूर सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधिकारियों को पता चला कि तमिलनाडु के मजदूर का शव गलती से बिहार भेज दिया गया था।
मृतक मजदूर की पहचान राजेंद्रन के रूप में हुई है जो तिरुवल्लूर जिले के तिरुत्तनी के निकट एक गांव का निवासी था।
सच्चाई का पता चलने पर अधिकारियों ने तुरंत एम्बुलेंस चालक को सूचित किया तथा उसे वापस आने का निर्देश दिया।
हालांकि, उस समय तक एम्बुलेंस तिरुवल्लूर से लगभग 800 किलोमीटर दूर जा चुकी थी।
शवगृह के कर्मचारियों ने तमिल परिवार को जो शव दिखाया, उसकी पहचान बिहार के मजदूर मनोज मांची (55) के रूप में हुई है, जो पिछले महीने काम की तलाश में तमिलनाडु आया था।
राजेंद्रन की मौत आत्महत्या की कोशिश के बाद हुई थी और मांची की मौत बीमारी के कारण हुई थी। राजेंद्रन का शव बृहस्पतिवार को तिरुवल्लूर जिले में पहुंचा, जबकि मांची के शव को एक रिश्तेदार द्वारा पहचान किए जाने के बाद बिहार भेज दिया गया।
सरकारी अस्पताल की एक शीर्ष अधिकारी ने 'पीटीआई-' को बताया कि उन्होंने घटना के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है और वह इससे अधिक कुछ नहीं बता सकतीं।
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