जरुरी जानकारी | शेयर बाजार में दूसरे दिन भी गिरावट, सेंसेक्स 338 अंक लु़ढ़का; बैंक शेयरों में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 338 अंक लुढ़क गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पिछली बैठक का ब्योरा आने के बाद वैश्विक बाजारों में चिंता के बीच घरेलू शेयर बाजार भी नीचे आये। बैठक के ब्योरे में बांड खरीद कार्यक्रम में नरमी लाने पर चर्चा की गयी है।
मुंबई, 20 मई शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 338 अंक लुढ़क गया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पिछली बैठक का ब्योरा आने के बाद वैश्विक बाजारों में चिंता के बीच घरेलू शेयर बाजार भी नीचे आये। बैठक के ब्योरे में बांड खरीद कार्यक्रम में नरमी लाने पर चर्चा की गयी है।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स कारोबार के दौरान 50,000 अंक तक पहुंच गया था। लेकिन बाद में इसमें गिरावट आयी और अंत में यह 337.78 अंक यानी 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 49,564.86 पर बंद हुआ।
इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 124.10 अंक यानी 0.83 प्रतिशत लुढ़क कर 14,906.05 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के शेयरों में सर्वाधिक नुकसान में ओएनजीसी रही। इसमें 2.70 प्रतिशत की गिरावट आयी। इसके अलावा सन फार्मा, पावरग्रिड, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, कोटक बैंक और नेस्ले इंडिया के शेयरों में भी गिरावट रही।
दूसरी तरफ, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंडसइंड बैंक, टाइटन, एल एंड टी, बजाज फिनसर्व और इन्फोसिस समेत अन्य शेयर लाभ में रहे। इनमें 2.47 प्रतिशत तक की तेजी आयी।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘कमजोर वैश्विक रुख और घरेलू संकेतकों के अभाव में बाजार में गिरावट आयी। अमेरिकी शेयर बाजार वाल स्ट्रीट में गिरावट रही। फेडरल रिजर्व की बैठक के ब्योरे जारी होने के बाद ट्रेजरी पर प्रतिफल और डॉलर सूचकांक में उछाल आया। जो ब्योरा सामने आया, उसकी अपेक्षा नहीं की जा रही थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) बैठक का ब्योरा आने वाले समय में बांड खरीद कार्यक्रम में नरमी का संकेत देता है। यानी यह भविष्य में नीति में बदलाव को बताता है। इसका उभरते बाजारों पर असर होगा।’’
रिलायंस सिक्योरिटीज के रणनीति प्रमुख विनोद मोदी के अनुसार कोविड-19 मामलों में कमी से निवेशकों को थोड़ा संतोष मिला है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि एफओएमसी बैठक के ब्योरे के अनुसार सदस्यों के बीच मुद्रास्फीति तथा नरम रुख को लेकर विचारों में अंतर तथा वित्तीय संपत्तियों में उसके मूल्य के मुकाबले अधिक तेजी को लेकर ईसीबी (यूरोपीयन सेंट्रल बैंक) की चेतावनी का असर भारत समेत वैश्वि बाजारों पर पड़ा है।’’
एशिया के अन्य बाजारों में शंघाई, हांगकांग और सोल में गिरावट रही जबकि जापान में निक्की बढ़त में रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में शुरूआती कारोबार में तेजी का रुख रहा।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.15 प्रतिशत मजबूत होकर 66.76 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 6 पैसे मजबूत होकर 73.12 पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के पास उपलब्ध अस्थायी आंकड़े के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने बुधवार को 697.75 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 20, 2021 06:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

