जरुरी जानकारी | पहली छमाही में राज्यों का पूंजीगत व्यय 28.4 प्रतिशत, तेलंगाना आगे, उत्तर प्रदेश पीछे: रिपोर्ट

मुंबई, 25 नवंबर चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में पूंजीगत व्यय के मामले में तेलंगाना और केरल अगली कतार में हैं जबकि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र अपने बजट का पांचवां हिस्सा भी इस अवधि में खर्च नहीं कर पाए।

साख निर्धारण करने वाली कंपनी केयर रेटिंग्स ने आंकड़ों के आधार पर तैयार एक रिपोर्ट में यह दावा किया है। इसके मुताबिक देश के बड़े राज्यों उत्तर प्रदेश एवं महाराष्ट्र के लचर प्रदर्शन की वजह से पहली छमाही में राज्यों की तरफ से किया गया कुल पूंजी खर्च घटकर 28.4 फीसदी पर आ गया।

वित्त वर्ष 2021-22 के लिए केंद्र सरकार ने 5.54 लाख करोड़ रुपये के पूंजी व्यय का अनुमान जताया था जिसमें राज्यों को दिया गया 40,374 करोड़ रुपये का कर्ज भी शामिल था। इस तरह चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष पूंजी व्यय 5.13 लाख करोड़ रुपये रहना था। लेकिन इसमें से केंद्र सरकार पहले छह महीनों में सिर्फ 2.09 लाख करोड़ रुपये ही खर्च कर पाई है। यह कुल पूंजीगत व्यय का करीब 41 फीसदी है जो वर्ष 2020-21 की समान अवधि में 56 फीसदी था।

केयर रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि इस वित्त वर्ष के लिए 24 राज्यों ने कुल 5,76,181 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित किया था लेकिन अप्रैल-सितंबर की अवधि में इसमें से सिर्फ 28.4 फीसदी राशि ही खर्च हो पाई है। पश्चिम बंगाल, असम एवं अरुणाचल प्रदेश ने अपने आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं।

उत्तर प्रदेश ने इसमें से सबसे ज्यादा राशि 23,803 करोड़ रुपये खर्च की है लेकिन यह उसके पूंजीगत व्यय अनुमान का सिर्फ 20.8 प्रतिशत है। महाराष्ट्र भी अपने 59,139 करोड़ रुपये के बजट अनुमान में से सिर्फ 8,454 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाया है।

वहीं तेलंगाना और केरल जैसे छोटे राज्यों का प्रदर्शन कहीं बेहतर है। तेलंगाना ने वित्त वर्ष 2021-22 की पहली छमाही में ही 51.9 प्रतिशत पूंजी खर्च कर दी।

मध्य प्रदेश (46.5 प्रतिशत) और राजस्थान (40.5 प्रतिशत) भी पहली छमाही में पूंजीगत व्यय के मामले में बेहतर रहे हैं।

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