लंदन, 28 अगस्त ब्रिटेन में आयोजित होने वाले अपनी तरह के अनोखे उर्दू महोत्सव में कई कार्यक्रमों के अलावा एक ऐसे नाटक का मंचन किया जाएगा जो चिट्ठियों की एक श्रृंखला पर आधारित है जिसमें एक भारतीय पति और उसकी पाकिस्तानी पत्नी के अनुभवों को प्रदर्शित किया गया है।
विश्व में उर्दू साहित्य के सबसे बड़े साहित्यिक उत्सव जश्न-ए-रेख्ता के ब्रिटेन के संस्करण में ‘मियां बीवी और वाघा’ नाटक का मंचन किया जाएगा।
जश्न-ए-रेख्ता का आयोजन दिल्ली में 2016 से होता रहा है और इस साल कोविड-19 महामारी के चलते ब्रिटेन में इसका आयोजन डिजिटल स्वरूप में किया जाएगा।
दुबई में रहने वाले एहतेशाम शाहिद नाटक के सह लेखक हैं और मियां का मुख्य किरदार निभा रहे हैं।
नाटक तैयार करने वाले ‘गूंज’ थियेटर समूह के दल का नेतृत्व कर रही आमना खैशगी ने कहा, “यह फख्र की बात है कि रेख्ता जैसे इदारे ने हमारी कोशिश और उर्दू के लिए लगाव को मान्यता दी।”
पत्र लेखन पर आधारित नाटक को डिजिटल माध्यम से दिखाने की विडंबना पर शाहिद ने कहा, “यह आने वाले समय का संकेत है लेकिन खुद को अभिव्यक्त करने की मानव की आवश्यकता की पूर्ति एक ही माध्यम से नहीं हो सकती। अगर कोई कलम और कागज उठा ले तो चिट्ठियां वास्तव में कमाल कर सकती हैं। इस तरह हम पत्र लिखने की खुशी दोबारा से महसूस कर सकते हैं।”
रेख्ता फॉउंडेशन के संस्थापक संजीव सराफ ने कहा, “मियां बीवी और वाघा नाटक के दल के सदस्य, रेख्ता की संकल्पना को परिलक्षित करते हैं जहां , कला और साहित्य सीमाओं में नहीं बंधा। नाटक में चिट्ठियों की सरलता दर्शकों की भावनाओं से जुड़े कई आयाम गढ़ती है।"
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