कोलकाता, चार सितम्बर भारत में ‘मानसून पैटर्न’ बदल रहा है और इससे दक्षिण भारत तथा हिमालय की तलहटी में भविष्य में अधिक बारिश होने की संभावना है।
आईआईटी खड़गपुर के शोधकर्ताओं के एक दल ने यह दावा किया है।
संस्थान की ओर से शुक्रवार को जारी एक बयान के अनुसार, शोधकर्ताओं ने 1971 और 2017 के बीच 1930-70 की आधार अवधि के साथ लगभग पांच दशकों के भारतीय मानसून वर्षा के आंकड़ों का अध्ययन किया।
उसने कहा कि आंकड़ों के अनुसार, उत्तरी और मध्य भागों की तुलना में दक्षिण भारत में भारी बारिश देखी गई है।
सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर राजीब मैती ने कहा कि हमारा विश्लेषण दक्षिण एशिया में वर्षा की अधिकता अब दक्षिणवर्ती हिस्से में होने का इशारा करता है।
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर वीरेंद्र तिवारी ने कहा कि यह अध्ययन औद्योगिक और कृषि दोनों क्षेत्रों के लिए फायदेमंद होगा।
यह अध्ययन ‘नेचर पब्लिशिंग ग्रुप’ की पत्रिका ‘साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ में हाल ही में प्रकाशित हुआ है।
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