अहमदाबाद,21 जून कोरोना वायरस संक्रमित 73 वर्षीय मरीज को कथित तौर पर भर्ती करने में और उसे वेंटिलेटर पर रखने में देरी के कारण मरीज की मौत मामले में नगर निकाय ने एक निजी अस्पताल को ‘घोर लापरवाही’ के लिए नोटिस जारी किया है।
अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) द्वारा जारी नोटिस के अनुसार मरीज को 18 जून को राजस्थान अस्पताल के बाहर (एंबुलेंस में) करीब 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा क्योंकि अस्पताल ने कर्मचारियों ने अस्पताल खोलने में वक्त लगाया। इसके बाद उन्होंने स्ट्रेचर लाने में कथिततौर पर 10-15 मिनट और गंवा दिए।
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नोटिस में कहा गया कि मरीज की हालत गंभीर थी और उसे वेंटिलेटर पर रखने की जरूरज थी इसलिए उसे एक निजी अस्पताल से राजस्थान अस्पताल रेफर किया गया था।
नोटिस के अनुसार राजस्थान अस्पताल के अधिकारियों ने पूर्व में ही अस्पाल में वेंटिलेटर होने की पुष्टि की थी।
नोटिस में कहा गया है कि अस्पताल के खिलाफ क्यों नहीं भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक शिकायत दर्ज की जाए या कानूनी कार्रवाई की जाए।
नोटिस में यह भी पूछा गया कि‘‘घोर लापरवाही’’ के कारण क्यों नहीं उस पर भारी जुर्माना लगाया जाए अथवा अस्पताल का ‘सी’ फार्म पंजीकरण रद्द किया जाए।
इसबीच तमाम प्रयासों के बावजूद अस्पताल का पक्ष जानने के लिए उससे संपर्क नहीं हो सका।
नोटिस में कहा गया कि ‘‘कर्तव्य में घोर लापरवाही के कारण मरीज की जान गई।’’
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