देश की खबरें | महाराष्ट्र सरकार पर राहुल की टिप्पणी का लक्ष्य शिवसेना, मुख्यमंत्री पर दोष मढ़ना : भाजपा
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मुंबई, 26 मई भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को दावा किया कि महाराष्ट्र सरकार में कांग्रेस की भूमिका पर पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की टिप्पणी का उद्देश्य शिवसेना और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर कोरोना वायरस महामारी की स्थिति को संभालने में विफल रहने के लिये दोष मढ़ना है।

राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किये जाने की मांग से उन्होंने भाजपा को अलग करते हुए इन अटकलों को खारिज कर दिया कि विपक्ष सरकार को अस्थिर करना चाहता है।

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राहुल की टिप्पणी पर फडणवीस ने आश्चर्य प्रकट करते हुये कहा कि सरकार की विफलता की सामूहिक जिम्मेदारी से कांग्रेस असल में भागना चाहती है ।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'राहुल गांधी केवल​ शिव सेना एवं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को दोषी ठहराना चाहते हैं ।'

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राहुल गांधी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कहा था कि उनकी पार्टी शिव सेना की अगुवाई वाली सरकार में प्रमुख निर्णयकर्ता नहीं है।

राहुल ने आनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'हम महाराष्ट्र सरकार को समर्थन दे रहे हैं लेकिन हम वहां मुख्य निर्णयकर्ता की भूमिका में नहीं हैं ।'

कांग्रेस नेता ने कहा कि महाराष्ट्र को केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग की जरूरत है क्योंकि प्रदेश एक बेहद कठिन लड़ाई लड़ रहा है।

फडणवीस ने स्पष्ट किया कि राज्य में भाजपा को सरकार बनाने की जल्दी नहीं है । उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाये जाने की मांग से अपनी पार्टी को अलग रखा ।

विपक्ष के नेता ने संवाददाताओं को बताया, 'महाराष्ट्र में हमें सरकार बनाने की कोई जल्दी नहीं है । यह सरकार अपने ही अंतर्विरोधों एवं आपसी समन्वय की कमी के कारण गिर जायेगी ।'

उन्होंने यह भी कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है ।

उन्होंने कहा, 'भाजपा का ध्यान कोरोना वायरस के खिलाफ संघर्ष पर है ।'

फडणवीस ने कहा ‘‘ऐसे बयानों का उद्देश्य सरकार की विफलता से लोगों का ध्यान हटाना है कि विपक्ष शिवसेना की अगुवाई वाली सरकार को अस्थिर करना चाहता है।’’

उन्होंने कहा कि ऐसी बयानबाजी बचाव के लिये की जा रही है ।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि महामारी को रोकने के मद्देनजर प्रभावी कदम उठाने के लिये विपक्ष सरकार पर दबाव बनाता रहेगा ।

राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किये जाने की मांग से संबंधित एक सवाल के उत्तर में उन्होंने भाजपा को इससे अलग कर दिया ।

उन्होंने कहा, 'सुब्रमण्यम स्वामी एवं नारायण राणे ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है और भाजपा की इसमें कोई भूमिका नहीं है।’

इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष बाला साहेब थोराट ने कहा कि राहुल गांधी ने कुछ भी गलत नहीं कहा है ।

उन्होंने कहा, 'हम सरकार का हिस्सा हैं लेकिन निर्णयकर्ता नहीं है ।'

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