नयी दिल्ली, 15 जून उत्तरी दिल्ली में शालीमार बाग ब्लॉक-सी की आवासीय कल्याण समिति (आरडब्ल्यूए) ने जिला प्रशासन को एक पत्र लिखकर उस आदेश की समीक्षा करने का अनुरोध किया है जिसके तहत कोविड-19 के मामले आने पर समूचे इलाके को निषिद्ध क्षेत्र घोषित कर दिया गया।
ब्लॉक सी आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष गिरि भारद्वाज ने जिलाधिकारी संदीप मिश्रा को लिखे एक पत्र में कहा है कि एक आदेश के जरिए तीन जून को इलाके को निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया था । इसमें कहा गया था कि इलाके में पहला मामला 15 अप्रैल को आया था और इसके बाद संक्रमित लोगों की संख्या 11 हो गयी ।
उन्होंने कहा, ‘‘तथ्य ये है कि पहला मामला 27 अप्रैल को आया था । इसके बाद संख्या बढ़कर आठ हो गयी । संक्रमित एक व्यक्ति की मौत को छोड़कर सारे लोग ठीक हो चुके हैं।’’
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने कहा है कि आदेश में कहा गया कि क्षेत्र में 149 मकान हैं । दरअसल 624 मकान हैं, जिसमें करीब 2400 लोग रहते हैं और इनमें से 900 लोग कामकाजी हैं ।
उन्होंने कहा, ‘‘आदेश में कई खामियां हैं ।’’
भारद्वाज ने प्रशासन से इस आधार पर आदेश की समीक्षा करने की मांग की है कि बड़ी आबादी को देखते हुए बहुत कम मामले आए हैं ।
उन्होंने कहा कि समूचे क्षेत्र को निषिद्ध करने के बजाए अपार्टमेंट या एक खंड के कुछ अपार्टमेंट को बंद किया जा सकता है।
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