विपक्ष के आग्रह पर समय से एक दिन पहले सत्र स्थगित किया गया: प्रह्लाद जोशी
निर्धारित समय से एक दिन पहले संसद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिये स्थगित करने को लेकर कांग्रेस के आरोप को खारिज करते हुए संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि त्योहार के कारण कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के सत्र स्थगित करने के अनुरोध को स्वीकार करते हुए ऐसा किया और विपक्षी दलों द्वारा उठाये गए सभी मुद्दों को चर्चा के लिये लाया गया .
नयी दिल्ली, 7 अप्रैल : निर्धारित समय से एक दिन पहले संसद की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिये स्थगित करने को लेकर कांग्रेस के आरोप को खारिज करते हुए संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी (Prahlad Joshi) ने कहा कि त्योहार के कारण कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों के सत्र स्थगित करने के अनुरोध को स्वीकार करते हुए ऐसा किया और विपक्षी दलों द्वारा उठाये गए सभी मुद्दों को चर्चा के लिये लाया गया . प्रह्लाद जोशी ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों ने राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) से 7 अप्रैल को सदन को स्थगित करने का अनुरोध किया. संसदीय मामलों के मंत्री ने कहा कि हमने, उनसे (विपक्ष से) राज्यसभा के सभापति के सामने पूछा था और वे सभी रामनवमी और अन्य त्योहारों के कारण 7 अप्रैल को सदन को स्थगित करने पर सहमत थे.
उन्होंने कहा कि इस संबंध में कांग्रेस के जयराम रमेश और द्रमुक के तिरूचि शिवा से दोबारा पूछा कि क्या वे सत्र पहले समाप्त करने के रूख पर कायम हैं और उन्होंने कहा कि वे सहमत हैं . उन्होंने कहा कि अंदर (बैठक में) सत्र स्थगित करने का आग्रह करते हैं और बाहर दूसरे तरह की बात करते हैं, यह ठीक नहीं है. यह पूछे जाने पर कि विपक्ष खास तौर पर कांग्रेस ने सरकार पर महंगाई के मुद्दे पर चर्चा से बचने के लिये सत्र समय से पहले स्थगित करने का आरोप लगाया है, संसदीय मामलों के मंत्री ने कहा कि सत्र के दौरान वित्त विधेयक पर चर्चा हुई, बजट से संबंधित विनियोग विधेयकों पर चर्चा हुई, इस दौरान सदस्यों ने महंगाई का मुद्दा उठाया था और वित्त मंत्री ने जवाब भी दिया था . जोशी ने कहा कि चार्टर्ड एकाउंटेंट से संबंधित विधेयक पर भी चर्चा का वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया था . इसके अलावा यूक्रेन के मुद्दे पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ईंधन की कीमतों के मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट की थी . यह भी पढ़ें : लोगों को राहत देने के लिए केंद्र को भी ईंधन पर टैक्स कम करना चाहिए: अजित पवार
उन्होंने कहा कि हमने विपक्ष के सभी मुद्दों को लिया और इन पर सरकार का पक्ष रखा. मंत्री ने कहा कि विपक्ष के पास कहने के लिये कुछ भी नहीं है, इसलिये वे इस तरह की बातें कर रहे हैं . इससे पहले, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा है. पिछले कुछ दिनों के दौरान पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर से अधिक की वृद्धि की गई है. रसोई गैस सिलेंडर पर 50 रुपये बढ़ाये गये हैं. सीएनजी के दाम में भी रोजाना बढ़ोतरी हो रही है. उर्वरक के दाम में वृद्धि की गई है जिससे किसानों को दिक्कत हो रही है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस पर चर्चा चाहते थे. लेकिन सरकार चर्चा करने के लिए तैयार नहीं हुई.’’ खड़गे ने आरोप लगाया कि संसद की बैठक को निर्धारित समय से पहले स्थगित करा दिया गया. इस बारे में संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि एक दिन पहले सत्र स्थगित करने का आग्रह विपक्ष ने किया था . वहीं, प्रह्लाद जोशी ने बताया कि बजट सत्र में 13 विधेयक पुन:स्थापित हुए . लोकसभा द्वारा 13 विधेयक और राज्यसभा द्वारा 11 विधेयक पारित हुए हैं. उन्होंने कहा कि बजट सत्र में लोकसभा की उत्पादकता दर 129 प्रतिशत और राज्यसभा की उत्पादकता दर 98 प्रतिशत रही .
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 07, 2022 05:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

