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विजय के शपथ ग्रहण में देरी से समर्थकों का टूटा दिल; नेहरू स्टेडियम के बाहर सुबह 4 बजे से जुटी भीड़ की आंखों में आंसू (Watch Video)

अभिनेता से राजनेता बने विजय के शपथ ग्रहण समारोह में देरी के कारण चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम के बाहर भावुक दृश्य देखे गए। बहुमत साबित करने की संवैधानिक प्रक्रिया के बीच समर्थकों में भारी निराशा है.

विजय के शपथ ग्रहण में देरी से समर्थकों का टूटा दिल; नेहरू स्टेडियम के बाहर सुबह 4 बजे से जुटी भीड़ की आंखों में आंसू (Watch Video)
विजय के शपथ ग्रहण में देरी से समर्थकों का टूटा दिल (Photo Credits: X)

चेन्नई, 7 मई: तमिलनाडु की राजनीति (Tamil Nadu Politics) में आए ऐतिहासिक बदलाव के बीच आज एक भावुक मोड़ देखने को मिला. 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (Tamilaga Vettri Kazhagam) (TVK) के प्रमुख विजय के शपथ ग्रहण समारोह में हुई अनपेक्षित देरी ने हजारों समर्थकों को मायूस कर दिया है. राज्य के कोने-कोने से आए प्रशंसक और कार्यकर्ता गुरुवार सुबह 4 बजे से ही जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम (Jawaharlal Nehru Indoor Stadium) के बाहर जुटने लगे थे, लेकिन उन्हें वहां केवल बंद गेट और भारी पुलिस बल ही मिला. यह भी पढ़ें: Tamil Nadu Government Formation 2026: तमिलनाडु में बहुमत की तलाश में विजय की राज्यपाल से दूसरे दौर की मुलाकात; शपथ ग्रहण टला (Watch Video)

स्टेडियम के बाहर भावुक हुए प्रशंसक

जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया और समारोह की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई, समर्थकों का धैर्य जवाब देने लगा. मदुरै, कोयंबटूर और तिरुचिरापल्ली जैसे शहरों से यात्रा करके आए कई प्रशंसक स्टेडियम के बाहर बैरिकेड्स पर सिर रखकर रोते हुए देखे गए. समर्थकों का कहना है कि वे अपने 'थलापति' को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते देखने आए थे, लेकिन प्रशासन या पार्टी की ओर से स्पष्ट जानकारी न मिलने से वे बेहद आहत हैं.

बहुमत का पेंच और संवैधानिक गतिरोध

शपथ ग्रहण में हो रही देरी का मुख्य कारण विधानसभा का गणित है. 234 सदस्यीय सदन में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है, जबकि विजय की TVK ने 108 सीटें जीती हैं. हालांकि कांग्रेस (5 सीटें) ने समर्थन का एलान किया है, जिससे आंकड़ा 113 तक पहुंच गया है, लेकिन राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने सरकार बनाने का न्योता देने से पहले बहुमत का ठोस प्रमाण मांगा है.

बदला हुआ सियासी माहौल

बुधवार शाम को अचानक विजय के काफिले से सुरक्षा प्रोटोकॉल (कॉन्वॉय) का हटाया जाना इस बात का संकेत था कि सत्ता हस्तांतरण में कुछ अड़चनें आ रही हैं. फिलहाल TVK नेतृत्व अन्य छोटे दलों और निर्दलीयों से समर्थन जुटाने के लिए पर्दे के पीछे बातचीत कर रहा है. सुरक्षा कारणों से पार्टी मुख्यालय (पनैयुर) और नेहरू स्टेडियम के आसपास कड़ी चौकसी बरती जा रही है. यह भी पढ़ें: तमिलनाडु में सत्ता का संघर्ष: बहुमत से दूर विजय की TVK; कांग्रेस के समर्थन के बाद भी राज्यपाल असमंजस में

'CM विजय' के शपथ ग्रहण का इंतज़ार करते हुए, चेन्नई के बंद स्टेडियम के बाहर TVK समर्थक रो पड़े

ऐतिहासिक जीत के बाद की चुनौती

2026 के इन चुनावों ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के छह दशक पुराने वर्चस्व को हिला कर रख दिया है. टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत से मात्र कुछ कदम की दूरी ने फिलहाल जश्न के माहौल को अनिश्चितता में बदल दिया है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 07, 2026 12:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).