ठाणे, 31 जुलाई : महाराष्ट्र के नवी मुंबई में एक समूह पंचायत की महिला सरपंच और उनके परिवार ने कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किया, जिसके बाद कई ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए दो सरकारी अधिकारियों को जबरन रोक लिया. पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि घटना मंगलवार को हुई और इस संबंध में पनवेल तालुका पुलिस ने नवी मुंबई के चिकले गांव के 16 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. उसने बताया कि चिकले में 26 जुलाई को समूह ग्राम पंचायत की सरपंच दीपाली टंडेल ने स्थानीय अधिकारियों को एक पत्र सौंपा, जिसमें भूमि से संबंधित मामले में कथित निष्क्रियता पर शिकायत व्यक्त की गई थी.
पुलिस ने बताया कि अपने पत्र में उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वह और उनका परिवार घर में बंद होकर जहर खा लेंगे. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पत्र का संज्ञान लेते हुए ग्राम पंचायत के ग्रामीण विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारी के साथ मंगलवार को सरपंच को समझाने के लिए उनके घर गए. अधिकारी ने बताया, "घर पहुंचने पर उन्होंने पाया कि दरवाजा अंदर से बंद है. आत्महत्या के प्रयास का संदेह होने पर उन्होंने दरवाजा तोड़ा और सरपंच तथा उनके परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला, जिन्होंने कथित तौर पर जहर खा लिया था. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई." उन्होंने बताया कि जब परिवार को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब कुछ ग्रामीणों ने वापस लौट रहे उन दो अधिकारियों को निशाना बनाया जिन्होंने पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की थी. यह भी पढ़ें : प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के अलावा सबको पता है कि भारत एक ‘बर्बाद अर्थव्यवस्था’ है: राहुल
पुलिस ने बताया कि ग्रामीणों की एक भीड़ ने अधिकारियों की जीप को रास्ते में रोका और वाहन के सामने बैठकर उन्हें लगभग एक घंटे तक रोके रखा. पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारी सरपंच की शिकायत पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे. अधिकारी ने बताया कि ग्रामीण विकास अधिकारी की शिकायत के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 189(2) (गैरकानूनी जमावड़ा), 126(2) (गलत तरीके से रोकना) और 3(5) (साझा मंशा) के तहत मामला दर्ज किया गया है.













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