जम्मू, आठ जून ऐसे में जब पूरे जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं, श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर्स आर्गेनाइजेशन (एसएबीएलओ) ने दक्षिण कश्मीर के हिमालय में 3880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा के लिए वार्षिक तीर्थयात्रा रद्द किये जाने का सुझाव दिया है।
42 दिवसीय यात्रा 23 जून को अनंतनाग जिले के पहलगाम और गंदेरबल जिले के बालटाल से शुरू होने वाली थी लेकिन उपराज्यपाल जी सी मुरमू के नेतृत्व वाले श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) ने कहा कि इस पर उचित निर्णय निकट भविष्य में कोविड-19 के प्रकोप से उत्पन्न स्थिति की नए सिरे से समीक्षा के बाद लिया जाएगा।
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22 अप्रैल को एसएएसबी ने कोरोना वायरस महामारी के कारण यात्रा को रद्द करने की घोषणा की थी लेकिन बाद में बयान को "रद्द और वापस ले लिया गया" था।
वार्षिक अमरनाथ तीर्थयात्रा के लिए पारंपरिक 'प्रथम पूजा' पांच जून को यहां आयोजित की गई थी, जो आम तौर पर यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है।
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सूत्रों के अनुसार कोरोना वायरस महामारी के कारण एसएएसबी जुलाई के आखिरी सप्ताह में 15 दिनों की छोटी अवधि के लिए यात्रा शुरू करने की योजना बना रहा है।
एसएबीएलओ ने यहां एक बयान में कहा, "एसएएसबी 21 जुलाई से तीन अगस्त तक दो सप्ताह की छोटी अवधि के लिए यात्रा का आयोजन करने पर विचार कर रहा है। यदि श्राइन बोर्ड इस तरह का निर्णय लेता है, हम पूर्व की तरह अपनी सेवाएं मुहैया कराने को तैयार हैं, लेकिन विशेष तौर पर यात्रियों और सभी हितधारकों की सुरक्षा लिए हम इस महामारी के बीच यात्रा संचालन में खतरों के बारे में अपनी आशंकाएं जाहिर करना चाहते हैं।’’
एसएबीएलओ भंडारा संगठनों का एक गैर लाभकारी एवं गैर वित्तपोषित संघ है जो यात्रा मार्ग में तीर्थयात्रियों को मुफ्त भोजन, कंबल, रात्रि विश्राम स्थल और विभिन्न सुविधाएं मुहैया कराते हैं। एसएबीएलओ ने कहा कि उसने 22 अप्रैल को हुई पिछली बैठक में पहले ही सुझाव दिया था कि इस वर्ष तीर्थयात्रियों और अन्य हितधारकों के हित में यात्रा का संचालन नहीं किया जाना चाहिए।
उसने कहा कि यदि बोर्ड कोविड-19 की वर्तमान स्थिति में फिर भी यात्रा संचालित करने का निर्णय करता है तो वह निर्दिष्ट स्थलों पर सामुदायिक रसोई स्थापित करने को तैयार है।
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