आधिकारिक सैन्य अखबार क्रसनाया ज्वेज्डा (रेड स्टार) में प्रकाशित यह सख्त चेतावनी अमेरिका को निर्देशित थी जो लंबी दूरी के गैर परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।
यह लेख जून में रूस की परमाणु प्रतिरोध नीति के प्रकाशन के बाद आया है जिसमें राष्ट्र के महत्वपूर्ण सरकारी और सैन्य ढांचों पर पारंपरिक हमले के जवाब में परमाणु हथियारों के उपयोग की बात कही गयी है।
क्रसनाया ज्वेज्डा में प्रकाशित लेख में रूसी सेना के जनरल स्टाफ के वरिष्ठ अधिकारी,मेजर जनरल एंड्रेई स्टर्लिन और कर्नल एलेक्जेंडर क्रयापिन ने कहा कि यह तय करने का कोई तरीका नहीं है कि आने वाला बैलेस्टिक प्रक्षेपास्त्र परमाणु आयुध वाला है या परंपरागत आयुध वाला, इसलिये सेना इसे परमाणु हमले के तौर पर देखेगी।
लेख में कहा गया, “किसी भी हमलावर प्रक्षेपास्त्र के संदर्भ में माना जाएगा कि वह परमाणु आयुध से लैस है।”
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इसमें कहा गया, “प्रक्षेपास्त्र दागे जाने की जानकारी स्वत: ही रूसी सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व को प्रसारित हो जाएगी। जो बनने वाली परिस्थितियों के मद्देनजर परमाणु बलों द्वारा जवाबी कार्रवाई की गुंजाइश तय करेंगे।”
यह दलील लंबे समय से रूस की परेशानी का सबब लंबी दूरी तक मार करने वाले उन हथियारों के विकास से जुड़ी है जिसके तहत अमेरिका बिना परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के प्रमुख सैन्य व सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की क्षमता प्राप्त कर सकता है।
एपी
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