यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि उत्तर पश्चिमी यूक्रेन में पोलैंड और बेलारूस सीमा के पास स्थित शहर लुत्स्क सबसे अधिक प्रभावित है जबकि 10 अन्य क्षेत्रों में भी हमला किया गया है. लुत्स्क में यूक्रेनी सेना के हवाई अड्डे हैं. मालवाहक विमान और लड़ाकू विमान नियमित रूप से शहर से उड़ान भरते रहते हैं. यूक्रेन के पश्चिमी क्षेत्र युद्ध में रसद की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं क्योंकि वहां के हवाई अड्डों और डिपो पर महत्वपूर्ण विदेशी सैन्य सहायता की आपूर्ति होती है, जिसे बाद में देश के अन्य भागों में भेजा जाता है. रूस ने हाल ही में बड़े पैमाने पर हवाई हमले करके यूक्रेनी वायु रक्षा को कमजोर करने की कोशिश की है. हमलों में अधिकतर डिकॉय ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है. इससे पहले चार जुलाई की देर रात से लेकर अगले दिन तक रूस ने यूक्रेन पर हमले किए थे.
रूस की बड़ी सेना ने भी 1,000 किलोमीटर लंबी अग्रिम पंक्ति के कुछ हिस्सों में घुसपैठ करने के लिए एक नया अभियान शुरू किया है. जेलेंस्की ने कहा कि रूस यूक्रेन के पश्चिमी हिस्सों पर बीती रात हुए हमलों के जरिये अपनी बात मनवाना चाहता है, जबकि अमेरिका के नेतृत्व में शांति प्रयास कमजोर पड़ रहे हैं. उन्होंने यूक्रेन के सहयोगियों से रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया. अधिकारियों ने बताया कि रात भर चली बमबारी के दौरान कीव क्षेत्र में दो लोग घायल हो गए, जबकि आपातकालीन दल क्षति का आकलन करने में जुटे हुए हैं. यह भी पढ़ें : Bangladesh Protests: क्या वाकई शेख हसीना ने दिया था ‘देखते ही गोली मारने’ का आदेश? लीक ऑडियो ने मचाया तूफान
वायुसेना ने एक बयान में कहा कि यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली ने 296 ड्रोन को मार गिराया जबकि 415 ड्रोन तथा सात मिसाइलें रडार से बचकर निकल गए या उन्हें अवरुद्ध(जाम) कर दिया गया. जेलेंस्की ने कहा कि रूस के शाहिद ड्रोन का मुकाबला करने के लिए विकसित यूक्रेनी ‘इंटरसेप्टर ड्रोन’ काफी कारगर साबित हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया गया है और ड्रोनों का घरेलू उत्पादन बढ़ाया जा रहा है.













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