मुंबई, 30 अक्टूबर अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 83.25 (अस्थायी) पर स्थिर रहा। विदेशी कोषों की सतत निकासी तथा विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा में मजबूती का निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि डॉलर के मजबूत रहने तथा विदेशी कोषों के बिकवाली दबाव के कारण रुपया नकारात्मक रुझान लिए अपरिवर्तित रहा।
हालांकि, घरेलू शेयर बाजार में मजबूती के रुख और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने इस नुकसान को कम कर दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 83.25 पर खुला और कारोबार के अंत में 83.25 प्रति डॉलर के पूर्वस्तर पर ही बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार में तेजी रहने और पर्याप्त सुधार के रुख के साथ बंद होने के बावजूद रुपये में स्थिरता बनी रही। कारोबार के दौरान रुपये में 83.24 के उच्चस्तर और 83.27 के निचले स्तर के बीच घट-बढ़ हुई। शुक्रवार को भी रुपया 83.25 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.13 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 106.42 पर रहा।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 1.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 89.29 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
बीएनपी पारिबा बाय शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण रुपया थोड़ा नकारात्मक पूर्वाग्रह के साथ कारोबार करेगा, जिससे डॉलर की मांग बढ़ सकती है।’’
चौधरी ने आगे कहा कि आयातकों और ओएमसी की ओर से मासांत की डॉलर मांग और कमजोर वैश्विक बाजार धारणा से रुपया प्रभावित हो सकता है।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 329.85 अंक की तेजी के साथ 64,112.65 अंक पर बंद हुआ।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने शुक्रवार को 1,500.13 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY