लंदन, चार जून ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स ने उनके कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बारे में बात करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि वह स्वयं को ’’सौभाग्यशाली’’ मानते हैं क्योंकि उनमें कोविड-19 के केवल मामूली लक्षण ही थे।
71 वर्षीय प्रिंस चार्ल्स मार्च के अंत में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद उन्होंने महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की स्कॉटलैंड संपदा स्थित अपने बर्कहॉल आवास में स्वयं को पृथक-वास में रखा था।
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प्रिंस चार्ल्स ने पर्यावरण के लिए ‘‘ग्रेट रिसेट’’ मुहिम की शुरुआत करते हुए कहा कि उनकी बीमारी ने उन्हें पर्यावरण को पुन: स्वच्छ बनाने की कोशिश करने के लिए और प्रतिबद्ध बनाया है।
उन्होंने ‘स्काई न्यूज’ से कहा, ‘‘मैं सौभाग्यशाली रहा कि मैं आसानी से इस बीमारी से उबर गया।’’
प्रिंस चार्ल्स ने कहा, ‘‘मैं स्वयं संक्रमित हो चुका हूं और मैं समझ सकता हूं कि लोगों पर क्या बीत रही है... लेकिन और अधिक लोगों के साथ ऐसा नहीं हो, इसके लिए मैं कोई तरीका खोजने को लेकर प्रतिबद्ध हूं।’’
शाही परिवार के सदस्य ने ‘विश्व आर्थिक मंच’ पर ऑनलाइन सम्मेलन को संबोधित करते हुए एक योजना को उजागर किया। इस योजना का मकसद भावी आपदाओं को रोकना है।
उन्होंने वैश्विक स्तर पर उत्सर्जन को कम करके संतुलन स्थापित करने के रास्ते खोजने और समाधान तलाशने के लिए ‘‘विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवोन्मेष’’ को बल दिए जाने की अपील की।
प्रिंस चार्ल्स ने सम्मेलन में कहा, ‘‘यदि हम आवश्यक कदम नहीं उठाते हैं और अधिक हरित, अधिक स्थायी एवं अधिक समावेशी तरीके नहीं उपनाते हैं, तो ‘ग्लोबल वॉर्मिंग’ और पर्यावरण में बदलाव की प्रक्रिया और तेज होने से हम और अधिक वैश्विक महामारियों एवं आपदाओं का सामना करेंगे।’’
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