जरुरी जानकारी | विदेशी मुद्रा बाजारों के कारोबारी घंटे बनाए रखने की आरबीआई समिति ने सिफारिश की

मुंबई, दो मई भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के एक कार्य समूह ने विदेशी मुद्रा विनमय बाजारों के लिए मौजूदा कारोबारी घंटों को बनाए रखने और ‘कॉल मनी’ बाजार के समय को शाम सात बजे तक बढ़ाने की सिफारिश की है।

मुद्रा बाजार बुनियादी तौर पर हेजिंग यानी जोखिम प्रबंधन बाजार हैं जो सुबह नौ बजे से दोपहर 3:30 बजे तक कारोबार के लिए खुले रहते हैं। इसमें बाजार बंद होने के बाद के घंटों में भी कारोबार की अनुमति होती है, जिससे वे प्रभावी रूप से कामकाजी दिनों में 24 घंटे सक्रिय रहने वाले बाजार बन जाते हैं।

वहीं कॉल मनी बाजार में कारोबार का समय सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक होता है। सरकारी प्रतिभूतियों में रेपो लेनदेन के लिए यह समय सुबह नौ बजे से दोपहर 2.30 बजे तक है।

रिजर्व बैंक ने विनियमित बाजारों में कारोबार और निपटान समय की व्यापक समीक्षा के लिए एक कार्य समूह का गठन किया था। इस समूह ने अब अपनी सिफारिश दे दी है।

इसकी रिपोर्ट में कहा गया है, "विदेशी मुद्रा बाजारों (ओटीसी और एक्सचेंज-ट्रेडेड) के लिए वर्तमान कारोबारी घंटे को बनाए रखा जाए।"

इसने भारतीय समाशोधन निगम लिमिटेड (सीसीआईएल) द्वारा प्रत्येक दिन ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) विदेशी मुद्रा लेनदेन के एकल गारंटीशुदा निपटान की प्रणाली को भी बनाए रखने का सुझाव दिया है।

हालांकि कार्य समूह ने कॉल मनी बाजार का समय बढ़ाकर शाम सात बजे तक करने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही रद्दीकरण समेत एनडीएस-कॉल लेनदेन के बारे में सूचना देने वाली व्यवस्था को भी शाम 7:30 बजे तक बढ़ाने की बात कही है।

इसने बाजार रेपो और टीआरईपी (ट्रेजरी बिल पुनर्खरीद) कारोबार घंटों के समय को एकीकृत करने और शाम चार बजे तक बढ़ाने का भी सुझाव दिया है।

कार्य समूह की इस रिपोर्ट को आरबीआई ने शुक्रवार को हितधारकों की टिप्पणियों के लिए अपनी वेबसाइट पर डाल दिया है।

इन सिफारिशों का उद्देश्य मुद्रा बाजार के विकास, मूल्य खोज और नकदी जरूरतों के हिसाब से सुविधाजनक बनाना है।

सरकारी प्रतिभूति बाजार के लिए बाजार के घंटों के संबंध में समूह ने कहा है कि वर्तमान समय (सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक) को जारी रखा जाए।

रिजर्व बैंक द्वारा विनियमित वित्तीय बाजारों के लिए बाजार समय की अंतिम व्यापक समीक्षा 2019 में की गई थी।

रिजर्व बैंक द्वारा विनियमित वित्तीय बाजारों में मुद्रा बाजार, सरकारी प्रतिभूति बाजार, विदेशी मुद्रा बाजार और ब्याज दर के बाजार शामिल हैं।

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