कोलकाता, छह दिसंबर करीब चार सौ साल बाद बृहस्पति और शनि के बहुत करीब आने तथा एक चमकदार तारे की तरह दिखने का दुर्लभ नजारा आगामी 21 दिसंबर को आसमान में देखा जा सकेगा।
एम पी बिड़ला तारामंडल के निदेशक देबी प्रसाद दुआरी ने एक बयान में कहा कि दोनों ग्रहों को 1623 के बाद से कभी इतने करीब नहीं देखा गया।
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उन्होंने कहा, ‘‘जब दो खगोलीय पिंड पृथ्वी से एक दूसरे के बहुत करीब नजर आते हैं तो इस घटनाक्रम को ‘कंजक्शन’ कहते हैं। और शनि तथा बृहस्पति के इस तरह के मिलन को ‘ग्रेट कंजक्शन’ कहते हैं।’’
इसके बाद ये दोनों ग्रह 15 मार्च, 2080 को पुन: इतने करीब होंगे।
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दुआरी ने बताया कि 21 दिसंबर को दोनों ग्रहों के बीच की दूरी करीब 73.5 करोड़ किलोमीटर होगी। हर दिन ये दोनों एक दूसरे के थोड़े करीब आते जाएंगे।
भारत में अधिकतर शहरों में सूर्यास्त के पश्चात इस घटनाक्रम का दीदार किया जा सकता है।
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