देश की खबरें | राजस्थान उच्च न्यायालय ने लक्ष्मी विलास पैलेस मामले में शौरी और अन्य के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगाई
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

जोधपुर ,22 अक्टूबर राजस्थान उच्च न्यायालय ने उदयपुर में एक होटल की बिक्री मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी तथा चार अन्य लोगों के खिलाफ जांच दोबारा शुरू करने के आदेश देने वाली एक निचली अदालत की कार्यवाही पर बृहस्पतिवार को रोक लगा दी। मामला दो दशक पुराना है।

उच्च न्यायालय की जोधपुर पीठ ने सीबीआई की विशेष अदालत से मामले के रिकॉर्ड तलब किए हैं और अगले आदेश तक पांचों याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कार्यवाही नहीं करने को कहा है।

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सीबीआई की अदालत ने पिछले माह पूर्व केंद्रीय विनिवेश मंत्री अरुण शौरी, तत्कालीन विनिवेश सचिव प्रदीप बैजल, लाजार्ड इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आशीष गुहा, दाम लगाने वाले कांतिलाल कर्मसे और भारत होटल्स लिमिटेड की निदेशक ज्योत्सना सूरी के खिलाफ नयी प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए थे।

लक्ष्मी विलास पैलेस की बिक्री मामले में अपनी पहले की जांच के बाद सीबीआई क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर चुकी थी।

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प्रारंभिक शिकायत के अनुसार होटल को 7.52 करोड़ रुपये में बेचा गया, जिससे सरकारी खजाने को 244 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

पांचों याचिकार्ताओं के वकील न्यायाधीश विजय बिश्नोई की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पेश हुए। सुनवाई एक घंटे से अधिक समय तक चली।

शौरी ने अपने मामले की जिरह करते हुए विनिवेश प्रक्रिया को समझाया। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति ने इस अदालत में वर्ष 2002 और वर्ष 2006 में दो बार खंडपीठ के समक्ष प्रक्रिया को चुनौती दी है और दोनों बार याचिकाएं खारिज कर दी गई हैं।

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