नयी दिल्ली, पांच नवंबर कांग्रेस शासित राजस्थान ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व में कमी की भरपाई के लिए केंद्र के कर्ज प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के बाद राजस्थान को विशेष खिड़की सुविधा के जरिये 4,600 करोड़ रुपये से अधिक मिलेंगे।
वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा, ‘‘राजस्थान सरकार ने जीएसटी के क्रियान्वयन की वजह से राजस्व में कमी की भरपाई के लिए पहला-विकल्प चुनने की सूचना दी है। वित्त मंत्रालय ने राज्यों को इसके लिए दो विकल्प दिए थे। ’’
इससे राजस्थान को विशेष ऋण सुविधा के जरिये 4,604 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। इसके अलावा उसे कर्ज के जरिये 5,462 करोड़ रुपये अतिरिक्त जुटाने की भी अनुमति मिलेगी।
राजस्थान से पहले 21 राज्य और तीन संघ शासित प्रदेश केंद्र की ओर से दिए गए पहले विकल्प के प्रस्ताव को स्वीकार कर चुके हैं। केंद्र ने राज्यों को राजस्व में 1.83 लाख करोड़ रुपये की कमी की भरपाई के लिए दो विकल्प दिए गए। पहले विकल्प के तहत केंद्र जीएसटी क्रियान्यन की वजह से राजस्व में संभावित कमी की भरपाई के लिए 1.10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेगा और उसे राज्यों को देगा।
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राज्यों के राजस्व में शेष 73,000 करोड़ रुपये की कमी कोविड-19 महामारी की वजह से रहने का अनुमान है।
केरल, पंजाब, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों ने अभी तक केंद्र की ऋण योजनाओं को स्वीकार नहीं किया है। इन राज्यों का कहना है कि केंद्र राजस्व में समूची 1.83 लाख करोड़ रुपये की कमी के लिए बाजार से कर्ज ले।
राजस्व भरपाई का पहला विकल्प चुनने वाले राज्यों के लिये विशेष कर्ज सुविधा को शुरू कर दिया गया है। भारत सरकार इस सुविधा के तहत पहले ही दो किस्तों में राज्यों की तरफ से 12,000 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। यह राशि 21 राज्यों और तीन संघ शासित प्रदेशों को 23 अक्टूबर और दो नवंबर 2020 को जारी की जा चुकी है।
इसके तहत अगली किस्त संभवत: 9 नवंबर 2020 को जारी की जा सकती है।
अजय
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