नयी दिल्ली, 11 सितंबर आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को दावा किया कि रेलवे ने उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दायर कर कहा है कि रेलवे पटरियों के पास बनीं 48,000 झुग्गियां केन्द्र सरकार के स्वच्छता अभियान में बाधक बन रही हैं, इसी पर न्यायालय ने उन्हें गिराने का आदेश दिया है।
हलफनामे को केन्द्र की भाजपा नीत सरकार की असल मंशा का ‘‘पुख्ता सबूत’’ बताते हुए आप के प्रवक्ता राघव चड्डा ने कहा कि इसने भाजपा की असली मंशा सामने ला दी है।
लेकिन, दिल्ली भाजपा ने इसपर पलटवार करते हुए आप से कहा है कि झुग्गी-बस्ती वालों को भ्रमित करने के लिए अपना ‘‘रोज का मेलोड्रामा’’ बंद करे और राजीव रत्न योजना के 55,000 से भी ज्यादा खाली पड़े फ्लैट उन्हें आवंटित करे।
न्यायालय ने अपने हालिया आदेश में दिल्ली में रेलवे पटरियों के पास बनी करीब 48,000 झुग्गियों को तीन महीने के भीतर हटाने का आदेश दिया है।
चड्डा ने कहा कि हलफनामे में यह भी कहा गया है कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार झुग्गियां गिराने नहीं दे रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘(दिल्ली विधानसभा) चुनाव के कुछ ही महीनों बाद 18 अगस्त, 2020 को न्यायालय में दायर एक हलफनामे में भाजपा ने कहा कि हम झुग्गियां गिराना चाहते हैं, लेकिन अरविंद केजरीवाल उन्हें गिराने नहीं देना चाहते। हमें इस बात पर गर्व है कि हमने उन्हें झुग्गियां नहीं गिराने दीं।’’
आप नेता ने यह बात दोहरायी कि दिल्ली सरकार भाजपा को लोगों के घर गिराने नहीं देगी और उचित स्थान पर उनका पुनर्वास किया जाएगा।
चड्डा ने कहा, ‘‘दिल्ली का बेटा, अरविंद केजरीवाल अभी जिंदा है, दिल्ली में कोई झुग्गीवाला बेघर नहीं होगा।’’
इन आरोपों पर पलटवार करते हुए दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि दिल्ली में रेलवे की जमीन पर बनी 48,000 झुग्गियों का मामला 1998 से चल रहा है।
उन्होंने दावा किया कि अटल बिहारी वाजपेयी की तत्कालीन सरकार में रेलवे में दिल्ली की सरकार को करीब 1,500 झुग्गियों में रहने वालों के पुनर्वास के लिए 11.25 करोड़ रुपये दिए थे। लेकिन उस वक्त दिल्ली में सत्तासीन कांग्रेस ने इनके कल्याण के लिए कुछ नहीं किया।
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