मुंबई, 17 अक्टूबर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का नाम कथित तौर पर पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले से जोड़ने वाले अपने बयान के खिलाफ दर्ज मानहानि की शिकायत को रद्द करने का अनुरोध करने के लिए बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
राहुल की याचिका में कहा गया है कि उनके खिलाफ मामले को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी के खिलाफ दर्ज मामले के साथ नहीं जोड़ा जा सकता क्योंकि उन्होंने कथित बयान अलग-अलग मौकों पर दिये थे और वे भिन्न या कहें तो विपरीत विचारधारा वाले दो अलग-अलग दलों से जुड़े हैं।
न्यायमूर्ति एस वी कोतवाल ने याचिका पर सुनवाई के लिए पांच दिसंबर की तारीख तय की।
वकील धृतिमान जोशी ने 2017 में यहां एक मजिस्ट्रेट के समक्ष राहुल गांधी, उनकी मां कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और येचुरी के खिलाफ एक निजी शिकायत दर्ज कराई थी और भारतीय दंड संहिता की धाराओं 499 तथा 500 के तहत कथित मानहानि के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
मजिस्ट्रेटी अदालत ने 2019 में सोनिया के खिलाफ मामले को खारिज कर दिया था लेकिन राहुल गांधी और येचुरी को नोटिस जारी किया।
दोनों ने इस आधार पर शिकायत को खारिज करने के लिए आवेदन दायर किया था कि उन पर संयुक्त रूप से मुकदमा नहीं चलना चाहिए।
हालांकि मजिस्ट्रेटी अदालत ने आवेदन खारिज कर दिया जिसके बाद राहुल गांधी ने इस साल अगस्त में उच्च न्यायालय का रुख किया था।
कांग्रेस नेता की याचिका के अनुसार वह और येचुरी अलग-अलग दल के हैं जिनकी भिन्न या कहें तो विपरीत विचारधारा है और संयुक्त सुनवाई से गांधी का मामला प्रभावित होगा।
बेंगलुरु निवासी पत्रकार और कार्यकर्ता गौरी लंकेश की पांच सितंबर, 2017 को उनके घर के बाहर हत्या कर दी गयी थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY