जरुरी जानकारी | तिमाही नतीजों, भूराजनीतिक घटनाक्रमों से तय होगी बाजार की दिशा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कंपनियों के तिमाही नतीजों और अमेरिका-चीन संबंधों से जुड़े घटनाक्रमों से इस सप्ताह शेयर बाजारों की दिशा तय होगी। इसके अलावा निवेशकों की निगाह कोविड-19 के रुख पर भी रहेगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है।
नयी दिल्ली, 26 जुलाई कंपनियों के तिमाही नतीजों और अमेरिका-चीन संबंधों से जुड़े घटनाक्रमों से इस सप्ताह शेयर बाजारों की दिशा तय होगी। इसके अलावा निवेशकों की निगाह कोविड-19 के रुख पर भी रहेगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है।
अमेरिका-चीन संबंध और खराब होने तथा कई देशों में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहने से आर्थिक पुनरोद्धार को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता के चलते बीते सप्ताह वैश्विक स्तर पर निवेशकों ने काफी सतर्क रुख अपनाया।
चीन ने पिछले सप्ताह चेंगडू में अमेरिका के वाणिज्य दूतावास को बंद करने का निर्देश दिया। इससे पहले अमेरिका ने जासूसी का आरोप लगाकर चीन के ह्यस्टन के वाणिज्य दूतावास को बंद करने का निर्देश दिया था।
कोरोना वायरस की बात की जाए, तो भारत में इस महामारी से संक्रमित लोगों का आंकड़ा 13,85,522 पर पहुंच गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार रविवार तक यह महामारी 32,063 लोगों की जान ले चुकी है।
वैश्विक स्तर पर कोविड-19 के मामले 1.6 करोड़ पर पहुंच गए हैं। अब तक इस महामारी से 6.5 लाख लोगों की मौत हुई है।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘भारत में संक्रमण के रिकॉर्ड मामलों से निवेशकों में बेचैनी बढ़ी है। अमेरिका-चीन तनाव से वैश्विक बाजार भी प्रभावित हुए हैं। इस मोर्चे पर किसी और घटनाक्रम से बाजार पर असर पड़ेगा।’’
इस सप्ताह कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा तथा रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे आने हैं। इसके अलावा सप्ताह के दौरान एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम बुधवार को फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर निर्णय रहेगा।
बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,109 अंक या 2.99 प्रतिशत के लाभ में रहा। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में 292 अंक या 2.68 प्रतिशत की बढ़त रही।
चॉइस ब्रोकिंग के कार्यकारी निदेशक सुमीत बगाड़िया ने कहा, ‘’निवेशकों की निगाह तिमाही नतीजों, अमेरिका-चीन तनाव, कोविड-19 के अर्थव्यवस्था पर प्रभाव और इसके टीके के विकास से संबंधित घटनाक्रमों पर रहेगी।’’
विश्लेषकों ने कहा कि इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव तथा डॉलर के मुकाबले रुपये के रुख से भी बाजार की धारणा पर असर पड़ेगा।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के खुदरा अनुसंधान प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘‘अमेरिका-चीन तनाव तथा वायरस संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी से अभी बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 26, 2020 11:25 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

