देश की खबरें | पंजाब: पूर्व डीजीपी सैनी के घरों पर छापे, अदालत ने बढ़ाई अग्रिम जमानत की अवधि
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चंडीगढ़, 28 अगस्त पंजाब पुलिस ने राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुमेध सिंह सैनी के यहां स्थित एक घर और कुछ अन्य स्थानों पर शुक्रवार तड़के छापा मारा।

सैनी पर चंडीगढ़ में 1991 में हुए एक आतंकी हमले के बाद एक व्यक्ति के लापता होने के से जुड़े मामले को लेकर छापेमारी की गई।

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अधिकारियों ने कहा कि हालांकि सैनी का कोई पता नहीं चला।

सैनी के चंडीगढ़ और दिल्ली स्थित आवास और उनके मोहाली के फार्महाउस पर छापेमारी के कुछ घंटों बाद मोहाली की एक अदालत ने सैनी की अंतरिम जमानत की अवधि को अगले आदेश तक बढ़ा दिया।

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इससे पहले अग्रिम जमानत याचिका पर उन्हें 25 अगस्त तक के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी।

सैनी के वकील ए पी एस देओल ने कहा, “अदालत ने अंतिम आदेश तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।”

अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए बृहस्पतिवार को आदेश सुरक्षित कर लिया था।

अगली सुनवाई एक सितंबर को होगी।

अदालत ने 21 अगस्त को पंजाब पुलिस को सैनी के खिलाफ इस मामले में हत्या का आरोप जोड़ने की इजाजत दी थी।

गुमशुदगी के इस मामले में सह-आरोपी चंडीगढ़ पुलिस के दो अधिकारी सरकारी गवाह बन गए थे जिसके बाद अदालत ने यह फैसला दिया था।

चंडीगढ़ औद्योगिक एवं पर्यटन निगम में कनिष्ठ अभियंता रहे बलवंत सिंह मुल्तानी की गुमशुदगी के सिलसिले में पूर्व डीजीपी के खिलाफ इस साल मई में मामला दर्ज किया गया था।

मोहाली के रहने वाले मुल्तानी को सैनी पर हुए आतंकवादी हमले के बाद पुलिस ने पकड़ा था।

प्राथमिकी के मुताबिक 1991 में घटना के वक्त सैनी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक थे।

सैनी तथा छह अन्य के खिलाफ मुल्तानी के भाई पलविंदर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था।

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