चंडीगढ़, 17 जून केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने केंद्र पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत धनराशि रोके जाने का आरोप लगाने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) पर शनिवार को पलटवार करते हुए कहा कि भगवंत मान सरकार इस मामले में राजनीति कर रही है।
मांडविया ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार आयुष्मान भारत कल्याण केंद्रों को मोहल्ला क्लीनिक में बदल रही है।
उन्होंने संगरूर जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र स्थापित किए। उन्होंने कहा कि केन्द्र पर कार्यरत कर्मचारियों का 60 प्रतिशत वेतन तथा निर्माण एवं दवाओं का 60 प्रतिशत खर्च भी केन्द्र सरकार वहन करती है।
मांडविया ने रैली में कहा, ‘‘स्वास्थ्य कल्याण केंद्र पर मुख्यमंत्री की तस्वीर लगाई गई थी और इसका नाम मोहल्ला क्लीनिक रखा गया था।’’
मंत्री ने कहा, ‘‘तब मेरे पास कोई विकल्प नहीं था। मैंने कहा कि हमने स्वास्थ्य कल्याण केंद्रों के लिए भुगतान किया और आपने (आप सरकार ने) इस योजना को बंद कर दिया और इसे मोहल्ला क्लीनिक में बदल दिया। फिर जब योजना बंद हो जाती है, तो अनुदान देने का कोई मतलब नहीं है।’’
रैली नरेन्द्र मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा के 'महा जनसंपर्क' कार्यक्रम का हिस्सा थी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत धन कथित रूप से रोके जाने को लेकर पंजाब में आप सरकार का केंद्र के साथ टकराव चल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पंजाब सरकार पर आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों (एबी-एचडब्ल्यूसी) को 'मोहल्ला क्लीनिक' में बदलने का आरोप लगाया है, जो सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है और इस योजना के तहत धन रोकने की चेतावनी दी थी। एबी-एचडब्ल्यूसी को केंद्र और राज्य द्वारा 60:40 योगदान अनुपात के साथ तैयार किया गया है।
आप पर निशाना साधते हुए मांडविया ने कहा, ‘‘आपने योजना का नाम पूरी तरह से बदल दिया और इसे मोहल्ला क्लीनिक में बदल दिया। अनुदान देने का कोई मतलब नहीं है।’’
मांडविया, ‘‘पंजाब के लोगों को फिर से गुमराह करने के लिए, उन्होंने (आप सरकार ने) दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है। मैं मीडिया में पढ़ रहा था कि आप कह रही है कि भारत सरकार ने हमारा अनुदान रोक दिया है।’’
मांडविया ने कहा, ‘‘आप जितनी चाहें उतनी योजनाएं चलाएं। मुझे कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन आपने भारत सरकार की योजना को रोक दिया और फिर कहते हैं कि हमारा अनुदान रोक दिया गया और अनुदान रोकने के नाम पर राजनीति करते हैं।’’
आप सरकार ने 19 और 20 जून को विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें लंबित ग्रामीण विकास शुल्क (आरडीएफ) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत धन "रोकने" का मुद्दा उठाया जा सकता है। पंजाब सरकार भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र पर आरडीएफ के लगभग 3,500 करोड़ रुपये जारी नहीं करने का आरोप लगाती रही है।
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