इस इलाके में कई संघीय इमारतें हैं और पिछले कुछ महीनों में यह क्षेत्र कई विरोध-प्रदर्शनों का साक्षी रहा है।
मिनियापोलिस पुलिस की हिरासत में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद से ही पोर्टलैंड में विरोध-प्रदर्शनों का सिलसिला थमा नहीं है।
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स्थानीय मीडिया ने बताया कि ओरेगन के सबसे बड़े शहर में मल्टनोमाह काउंटी जस्टिस सेंटर के पास शनिवार दोपहर में विरोध-प्रदर्शन शुरू हुआ। प्रदर्शनकारी एक-दूसरे पर पथराव करने लगे और थोड़ी ही देर में वहां हिंसा भड़क गई। इस बीच वहां की सड़कें भी अवरुद्ध हो गई थीं।
पिछले कुछ हफ्तों से जस्टिस सेंटर रात के समय प्रदर्शन के दौरान पुलिस और वामपंथी समूहों के बीच झड़पों का निशाना बनता आ रहा है। शनिवार दोपहर को प्रदर्शनकारी मार्च निकालते हुए दूसरे इलाकों में चले गए थे।
वहीं दक्षिणपंथी समूहों ने जस्टिस सेंटर के पास रैली की घोषणा कर दी जिसके बाद विरोधी वामपंथी समूह भड़क उठे।
पोर्टलैंड पुलिस ने प्रदर्शन शुरू होने के लगभग दो घंटे बाद चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि हिंसा समाप्त नहीं हुई तो पुलिस भीड़ नियंत्रण हथियारों का उपयोग कर कार्रवाई करने को तैयार है। कुछ समय बाद भीड़ कम हो गई थी। पोर्टलैंड पुलिस ने एक बयान में कहा कि बहुत सारे सवाल उठाए गए थे कि प्रदर्शन को दंगा घोषित क्यों नहीं किया गया और शहर के पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया।
पुलिस ने कहा कि अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कहीं पुलिस कार्रवाई चीजों को और खतरनाक ना बना दे।
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