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देश की खबरें | नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘आईसी-814: द कंधार हाईजैक’ पर प्रतिबंध लगाने के अनुरोध वाली याचिका वापस ली गई

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. वेब सीरीज ‘आईसी-814: द कंधार हाईजैक’ में कथित रूप से अपहरणकर्ताओं की सही पहचान नहीं बताने को लेकर उस पर प्रतिबंध लगाने के अनुरोध वाली जनहित याचिका शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से वापस ले ली गई।

देश की खबरें | नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘आईसी-814: द कंधार हाईजैक’ पर प्रतिबंध लगाने के अनुरोध वाली याचिका वापस ली गई

नयी दिल्ली, छह सितंबर वेब सीरीज ‘आईसी-814: द कंधार हाईजैक’ में कथित रूप से अपहरणकर्ताओं की सही पहचान नहीं बताने को लेकर उस पर प्रतिबंध लगाने के अनुरोध वाली जनहित याचिका शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से वापस ले ली गई।

याचिकाकर्ता सुरजीत सिंह यादव के वकील ने कहा कि चूंकि नेटफ्लिक्स ने 1999 में इंडियन एयरलायंस के विमान के अपहरण की घटना को दर्शाने वाली इस वेब सीरीज में आतंकवादियों के असली नाम को शामिल करते हुए ‘डिस्क्लेमर’ जारी कर दिया है, इसलिये वह अपनी याचिका पर जोर नहीं देना चाहते।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति तुषार राम गेडेला की पीठ ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि प्रतिवादियों द्वारा डिस्क्लेमर जारी किये जाने के बाद वह मौजूदा याचिका को आगे नहीं बढ़ाना चाहते।’’

न्यायमूर्ति मनमोहन ने याचिका का निस्तारण करते हुए कहा कि वेब सीरीज निर्माता इसे ‘पूरा करने’ के लिए घटना के संबंध में हुई अदालती कार्यवाही पर एक अन्य एपिसोड बनाने पर विचार कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय का एक फैसला है। पूरी तस्वीर सामने आएगी।’’

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उनकी शिकायत थी कि वेब सीरीज में अपहरणकर्ताओं के वास्तविक नाम नहीं दिए गए और जो भी इसे देखेगा, उसे लगेगा कि अपहरण करने वालों के नाम ‘भोला’ और ‘शंकर’ ही हैं।

हिंदू सेना के अध्यक्ष और पेशे से किसान यादव ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार को यह निर्देश देने का अनुरोध किया था कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से मिला प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया जाए और वेब सीरीज को जनता के देखने के लिहाज से प्रतिबंधित कर दिया जाए।

याचिका में आरोप लगाया गया, ‘‘अपहरणकर्ताओं की वास्तविक पहचान के बारे में महत्वपूर्ण तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने से न केवल ऐतिहासिक घटनाओं का गलत चित्रण होता है, बल्कि हानिकारक रुढ़ियां और गलत सूचना भी फैलती हैं और सार्वजनिक गलतफहमी और संभावित नुकसान को रोकने के लिए इस अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता है।’’

अपहरणकर्ताओं के ‘कोड’ नाम दिखाने को लेकर उठे विवाद के बाद नेटफ्लिक्स ने इस सप्ताह वेब सीरीज की शुरुआत में आने वाले ‘डिस्क्लेमर’ में घटना में शामिल आतंकवादियों के असली नाम को जोड़ दिया।

इससे पहले केंद्र सरकार ने नेटफ्लिक्स की कंटेंट प्रमुख को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया था।

अनुभव सिन्हा निर्देशित इस शो को 29 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर प्रदर्शित किया गया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 06, 2024 04:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).