देश की खबरें | विदेशों में फंसे भारतीयों को लाने के लिये आईसीडब्लू कोष के इस्तेमाल के लिये न्यायालय में याचिका खारिज
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नयी दिल्ली, 19 जून उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 महामारी की वजह से विदेशों में फंसे आर्थिक रूप से कमजोर भारतीयों को स्वदेश लाने के लिये भारतीय समुदाय कल्याण कोष (आईसीडब्लूएफ) का इस्तेमाल करने का सरकार को निर्देश देने के लिये दायर याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने वीडियो कांफ्रेन्स के माध्यम से सुनवाई के दौरान इस संबंध में दायर याचिका खारिज की। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता चाहे तो इस संबंध में सरकार को प्रतिवेदन दे सकता है जिस पर कानून के मुताबिक विचार किया जा सकता है।

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केन्द्र की ओर सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायालय से कहा कि ये नीतिगत मामला है और अगर याचिकाकर्ता सरकार को कोई प्रतिवेदन देगा तो उस पर विचार किया जायेगा।

पीठ ने गैर सरकारी संगठन प्रवासी लीगल सेल की याचिका खारिज करते हुये कहा, ‘‘हमारा यह मानना है कि याचिका में किये गये अनुरोध के बारे में कोई निर्देश नहीं दिया जा सकता। तद्नुसार याचिका खारिज की जाती है। हालांकि, याचिकाकर्ता चाहे तो सरकार को उचित प्रतिवदेन दे सकता है जिस पर कानून के अनुसार विचार किया जा सकता है।’’

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इस संगठन की ओर से पेश वकील ने पीठ से कहा कि कोविड-19 की वजह से खाड़ी के देशों में फंसे आर्थिक रूप से कमजोर और प्रवासी भारतीय श्रमिकों को स्वदेश लाने के लिये इस कोष का उपयोग किया जा सकता है।

संगठन ने याचिका में दावा किया था कि खाड़ी के देशों में बहुत बड़ी संख्या में भारतीय श्रमिक कम कौशल वाले काम करते हैं और कोविड महामारी की वजह से बेरोजगार होने के कारण वे वहां अपनी बुनियादी जरूरतों के लिये संघर्ष कर रहे हैं।

अनूप

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