लेह, 22 सितंबर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में हाल ही में गठित ‘पीपुल्स मूवमेंट फॉर सिक्स्थ शेड्यूल फॉर लद्दाख’ ने यहां लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (एलएएचडीसी)-लेह के आगामी चुनाव का बहिष्कार करने की मंगलवार को घोषणा की ।
‘पीपुल्स मूवमेंट फॉर सिक्स्थ शेड्यूल फॉर लद्दाख’ विभिन्न नेताओं, धार्मिक और सामाजिक संगठनों का एक शक्तिशाली मंच है।
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एलएएचडीसी-लेह के लिये 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर से काट कर लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाये जाने के बाद यहां यह पहला चुनाव होगा ।
वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा के पूर्व सदस्य टी छेवांग ने संवाददाताओं को बताया, '‘पीपुल्स मूवमेंट फॉर सिक्स्थ शेड्यूल फॉर लद्दाख के शीर्ष निकाय ने सर्वसम्मति से एलएएचडीसी लेह के आसन्न चुनावों का तब तक बहिष्कार करने का संकल्प लिया जब तक कि बोडो क्षेत्रीय परिषद की तर्ज पर केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख और यहां की जनता को छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा नहीं मिल जाती।’’
इस संगठन का गठन पिछले महीने किया गया था जब प्रमुख राजनीतिक एवं धार्मिक नेता अपने वैचारिक मतभेदों को भुला कर एक साथ एक मंच पर आये और छठी अनुसूची के तहत लद्दाख क्षेत्र के लिये सुरक्षा की मांग की। इसके साथ ही इन नेताओं ने दोनों पहाड़ी परिषदों को अधिक शक्ति दिये जाने की भी वकालत की। दूसरा पहाड़ी परिषद कारगिल में है।
लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में डाले जाने की मांग की जा रही है क्योंकि यहां 95 प्रतिशत से अधिक जनजातीय आबादी है ।
भारतीय जनता पार्टी से नवंबर 2018 में त्यागपत्र देने वाले छेवांग ने आशा जतायी कि लेह की जनता चुनाव से दूर ही रहेगी और जो लोग चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं, वे अपना नामांकन पत्र नहीं दाखिल करेंगे।
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