विदेश की खबरें | पेंटागन ने सी-130जे सुपर हरक्यूलिस के लिए भारत को नौ करोड़ डॉलर की बिक्री को दी मंजूरी

वाशिंगटन, दो अक्टूबर पेंटागन ने सी-130जे सुपर हरक्यूलिस मालवाहक विमान के भारत के बेड़े के लिए नौ करोड़ डॉलर मूल्य के उपकरणों, कलपुर्जेों और साजो-सामान खरीदने के भारत के अनुरोध को मंजूरी दे दी है।

‘रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी’ (डीएससीए) ने कांग्रेस को अपनी अधिसूचना में कहा कि प्रस्तावित बिक्री से अमेरिका एवं भारत के बीच सामरिक साझेदारी मजबूत करने में मदद मिलेगी, जिससे अमेरिका की विदेश नीति एवं राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी। इससे एक ऐसे बड़े रक्षा साझेदार की सुरक्षा स्थिति भी मजबूत होगी, जो हिंद-प्रशांत एवं दक्षिण एशिया क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता, शांति एवं आर्थिक विकास के लिए अहम ताकत बना हुआ है।

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अधिसूचना के अनुसार, प्रस्तावित बिक्री सुनिश्चित करती है कि पहले खरीदे गए विमान भारतीय वायुसेना, थलसेना और नौसेना परिवहन की जरूरतों, स्थानीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता और क्षेत्रीय आपदा राहत में आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रभावी तरीके से संचालित हो सके।

इसमें कहा गया है कि कलपुर्जों की बिक्री और सेवाओं से भारतीय वायुसेना बड़े मिशनों में तैनात होने के लिए तैयार बेड़े को बनाए रखने मे सक्षम होगी।

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इस प्रकार की बिक्री के लिए ‘सैन्य निर्यात नियंत्रण कानून’ के तहत अधिसूचना अनिवार्य है। सांसदों के पास प्रस्तावित बिक्री की समीक्षा के लिए 30 दिन का समय होता है। यह बिक्री रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनी लॉकहीड-मार्टिन संभव बनाएगी।

भारत उन 17 देशों में से एक है, जिन्हें अमेरिका ने अपना सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान बेचा है। भारतीय वायु सेना के पास इस समय पांच सी130जे-30 विमानों का बेड़ा है। भारत ने छह और सी-130जे-30 सुपर हरक्यूलिस विमान का ऑर्डर दिया है।

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