देश की खबरें | पार्टी की राज्य इकाई नौ अगस्त को अंतरराष्ट्रीस मूल निवासी दिवस को ‘आदिवासी गौरव पर्व’ के तौर पर मनाए : कांग्रेस

नयी दिल्ली, 30 जुलाई कांग्रेस ने अपनी राज्य इकाइयों से नौ अगस्त को पूरी दुनिया में मनाए जाने वाले विश्व के मूल निवासियों के अंतरराष्ट्रीय दिवस को ‘आदिवासी गौरव पर्व’के रूप में मनाने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के कार्यकाल में आदिवासियों के ‘‘अधिकारों में हो रही कथित कटौती’ के खिलाफ उनके संघर्ष के प्रति एकजुटता प्रकट करने को कहा है।

सभी राज्य इकाइयों को भेजे गए पत्र में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) महासचिव (संगठन) के.सी.वेणुगोपाल ने कहा कि यह कार्यक्रम आदिवासी भाइयों-बहनों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने के लिए होना चाहिए और साथ ही यह सतत विश्व के अग्रदूत के रूप में उनकी भूमिका की प्रशंसा करने का अवसर है।

पत्र में कहा गया कि विश्व के मूल निवासियों के अंतरराष्ट्रीय दिवस नौ अगस्त को कांग्रेस आदिवासी समुदायों के प्रति आदर प्रकट करना चहती है और ‘‘पिछले नौ साल में लगातर उनके अधिकारों और पहचान में हो रही क्षति के खिलाफ उनकी लड़ाई’ के प्रति समर्थन व्यक्त करना चाहती है।

पत्र में कहा गया, ‘‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कैसे आदिवासी समुदायों को अपमानित और उत्पीड़ित कर रही है हम सभी इसके गवाह हैं। वह (भाजपा) उन्हें उनके वैध अधिकारों से भी वंचित कर रही है।यह कांग्रेस पार्टी है जो लगातार उनके साथ खड़ी है और विभिन्न मंचों पर उनकी आवाज उठा रही है।’’

वेणुगोपाल ने पत्र में कहा, इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में और राहुल गांधी के समावेशी दृष्टिकोण के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए नौ अगस्त को ‘आदिवासी गौरव पर्व’ कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपने आदिवासी भाईयों और बहनों के साथ हमारी समानता और न्याययुक्त समाज के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराना चाहिए।’’

वेणुगोपाल ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी से पूरे समर्पण से राज्य व विधानसभा स्तर पर कार्यक्रम की योजना बनाने और उसे आयोजित करने को कहा है।

उन्होंने राज्य स्तर पर पार्टी से ‘आदिवासी गौरव महासभा’ आयोजित करने को कहा है जहां पर आदिवासियों के पारंपरिक और ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया जाए।

कांग्रेस महासचिव ने आदिवासियों की बेहतरी के लिए कांग्रेस के योगदान को रेखांकित करने के लिए पीसीसी से विशाल रैली आयोजित करने को कहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें भाजपा के अमानवीय अत्याचार और आदिवासियों के कल्याण में असफलता को उजागर करना चाहिए।’’

वेणुगोपाल ने पीसीसी से आदिवासी प्रबुद्ध मंच सम्मेलन आयोजित करने का आह्वान किया ताकि आदिवासी समुदाय के विचारकों, शिक्षाविदों, कार्यकर्ताओं और छात्रों को जोड़ा सके।

उन्होंने विधानसभा स्तर पर आदिवासी समुदाय और नेताओं के देश के इतिहास एवं विकास में योगदान को सम्मानित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने को कहा।

कांग्रेस महासचिव ने पार्टी इकाइयों से ‘संरक्षण प्रतिज्ञा’ आयोजित करने का भी आह्वान किया ताकि भाजपा के ‘‘आदिवासियों के प्रति अत्याचार और असफलता’’को उजागर किया जा सके और आदिवासियों के लिए समानतामूलक और न्यायोचित समाज निर्माण की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया जा सके।

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