चेन्नई, 19 सितंबर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने कृषि विधेयकों का शनिवार को समर्थन करते हुए कहा कि इससे किसानों को फायदा होगा। साथ ही, द्रमुक पर राजनीतिक कारणों से विधेयकों का विरोध करने का आरोप लगाया।
पलानीस्वामी ने कहा कि द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं पर किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) समझौता जैसे विधेयकों का विरोध कर रहे हैं, लेकिन तमिलनाडु में इसी तरह के अधनियम के खिलाफ कोई रुख नहीं अख्तियार किया।
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उन्होंने कहा, '' मैं यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि जब इसी तरह का कानून अम्मा (जयललिता) सरकार ने लागू किया था, तब विपक्ष के नेता ने इसका विरोध नहीं किया।''
पलानीस्वामी ने एक बयान में कहा कि विधेयक में ऐसा कोई प्रवाधान नहीं है जो किसानों को प्रभावित करेगा।
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उन्होंने कहा कि इन विधेयकों के अधिनियम बनने पर किसानों की आय सुनिश्चित होगी और थोक विक्रेताओं, कृषि फर्मों तथा अन्य द्वारा किसानों के साथ किये गये समझौतों के बाद मूल्य गिरने की स्थिति में भी उन्हें (किसानों को) नुकसान नहीं होगा।
वहीं, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी नारायणसामी ने इन विधेयकों को लेकर केंद्र की आलोचना करते हुए कहा कि ये किसान विरोधी हैं।
उन्होंने कहा कि ये विधेयक प्रभावशाली एवं बड़े कॉरपोरेट को प्रोत्साहित करेंगे । केंद्र को ये विधेयक लाने से पहले राज्य सरकारों से परामर्श करना चाहिए था।
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