इस्लामाबाद, 30 मई प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को “पानी को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किए जाने” को खारिज कर दिया और कहा कि पाकिस्तान भारत को संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए सिंधु जल संधि को स्थगित रखकर लाखों लोगों का जीवन खतरे में नहीं डालने देगा।
शरीफ ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में जब ग्लेशियरों के संरक्षण पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, तब उन्होंने भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) का मुद्दा उठाया।
‘डॉन’ समाचार पत्र ने शरीफ के हवाले से बताया, "सिंधु बेसिन के पानी के बंटवारे से संबंधित सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का भारत का एकतरफा और अवैध फैसला बेहद खेदजनक है।"
प्रधानमंत्री ने सम्मेलन में कहा, "संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए लाखों लोगों की जान को खतरे में डालने नहीं दिया चाहिए और पाकिस्तान ऐसा नहीं होने देगा। हम कभी लक्ष्मण रेखा को नहीं लांघने देंगे।"
इस सम्मेलन में 80 संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों और 70 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के 2,500 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
भारत ने पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित करने की घोषणा की थी। दोनों देशों ने बीच जल विवाद को सुलझाने और सिंधु बेसिन की छह मुख्य नदियों के पानी के बंटवारे के लिए 1960 में सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे।
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