पुणे, 15 जुलाई केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रीजीजू ने शनिवार को यहां कहा कि भारत के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने इसे जलवायु और मौसम अनुसंधान के मामले में एक अग्रणी देश बना दिया है।
रीजीजू पुणे में भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
संस्थान ने तेजपुर विश्वविद्यालय और नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान अनुसंधान संस्थान के साथ अलग-अलग सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने और प्रभावी समाधान विकसित करने के लिए विशेषज्ञता, संसाधनों और अनुसंधान क्षमताओं को एकत्रित करना है।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा, “हमारे वैज्ञानिकों और अनुसंधान विद्वानों ने भारत को जलवायु व मौसम अनुसंधान के मामले में एक अग्रणी राष्ट्र बना दिया है। हमारा वैज्ञानिक समुदाय विभिन्न अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का हिस्सा है। दुनिया भारतीय वैज्ञानिकों का बहुत सम्मान करती है और उन पर भरोसा करती है।”
उन्होंने कहा कि हिमालय क्षेत्र से लेकर प्रायद्वीपीय क्षेत्र और दुनिया के बाकी हिस्सों तक, भारत मौसम की जानकारी प्रदान कर रहा है। इसमें सुनामी चेतावनी प्रणाली, चक्रवात और भारी वर्षा अनुमान प्रणाली शामिल हैं।
मंत्री ने कहा कि भारत जलवायु विज्ञान के मामले में भी एक अग्रणी देश है और जलवायु परिवर्तन से संबंधित सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों को लेकर प्रतिबद्ध है।
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