ढेंकनाल, 23 अगस्त ओडिशा के ढेंकनाल जिले में उच्च जाति के व्यक्ति के बगीचे से 15 वर्षीय लड़की के फूल तोड़ने के बाद एक पखवाड़े से अधिक समय से करीब 40 दलित परिवारों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया।
अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद उनकी इस ''परेशानी'' का अंत हुआ।
उन्होंने कहा कि यह घटना तुमुसिंगा पुलिस थानाक्षेत्र के कांतियो कतेनी गांव की है।
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तुमुसिंगा पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक एके डुंगडुंग ने कहा, '' एक पुरानी रंजिश के कारण दानों समूहों में ठनी हुई थी और एक उच्च जाति के व्यक्ति के बगीचे से एक लड़की के फूल तोड़ने के बाद इसने बड़े विवाद का रूप ले लिया।''
उन्होंने कहा कि इसके बाद दलित परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया गया। उनके स्थानीय दुकान से राशन लेने और सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी गई।
कामाख्यानगर उपसंभाग के उपजिलाधिकारी बीपी आचार्य ने कहा कि कुछ दिनों पहले दलित परिवारों के प्रतिनिधियों ने पुलिस और जिला प्रशासन से संपर्क किया था, जिसके बाद इस मुद्दे को हल करने के लिए कदम उठाए गए।
उन्होंने पुलिस और प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा था।
अधिकारी ने कहा कि गांव में 700 से अधिक परिवार रहते हैं, जिनमें से 40 परिवार अनुसूचित जाति नाइक समुदाय से संबंध रखते हैं।
उन्होंने कहा कि लड़की के पिता ने दावा किया कि दलित प्रतिनिधियों ने माफी भी मांगी थी लेकिन फिर भी उनका सामाजिक बहिष्कार किया गया।
सरपंच प्राणबंधु दास ने स्वीकार किया कि ग्रामीणों को दलित परिवारों के साथ संवाद नहीं करने के लिए कहा गया था, लेकिन दावा किया कि प्रतिबंध केवल इसी तक सीमित थे।
आचार्य ने कहा कि शुक्रवार को जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में गांव में दोनों समूहों के बीच शांति बैठक आयोजित की गई और इस मुद्दे को सुलझा लिया गया।
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