जरुरी जानकारी | एनएचपीसी को सेवा-दो बिजली संयंत्र के बंद होने से 84.41 करोड़ रुपये का नुकसान

नयी दिल्ली, छह अक्टूबर सार्वजनिक क्षेत्र की जल विद्युत कंपनी एनएचपीसी ने मंगलवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में 120 मेगावाट क्षमता के सेवा-दो संयंत्र के 31 मार्च 2021 तक बंद होने के कारण कंपनी को 84.41 करोड़ रुपये का नुकसान होगा।

कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, ‘‘बिजलीघर के बंद होने से 84.41 करोड़ रुपये के वित्तीय नुकसान का अनुमान है।’’

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पिछले सप्ताह कंपनी ने कहा था कि केंद्र-शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सेवा-दो बिजलीघर को ‘हेड रेस टनल (एचआरटी) में हुए नुकसान के कारण 25 सितंबर, 2020 से 31 मार्च, 2020 के लिये बंद किया गया है।

एचआरटी यानी सुरंग जल क्षेत्र से पानी को बिजली उत्पादन के लिये टरबाइन तक पहुंचाती है।

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बिजलीघर के बंद होने से अस्थायी तौर पर 15.7 करोड़ यूनिट बिजली उत्पाद का नुकसान होगा।

सेवा-दो बिजलीघर की क्षमता 120 मेगावाट (40-40 मेगावाट की तीन इकाइयां) है। यह कठुआ जिले में स्थित है।

तीनों बिजली इकाइयां 2010 में जून और जुलाई में चालू हुई थी।

इस बिजलीघर से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और चंडीगढ़ को बिजली मिलती है।

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