देश की खबरें | एनजीटी ने रिहायशी क्षेत्रों में उद्योगों के संचालन पर उत्तरप्रदेश सरकार की खिंचाई की
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, चार सितंबर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने रिहायशी क्षेत्रों से औद्योगिक इकाइयों को नहीं हटाने के लिए उत्तरप्रदेश सरकार की खिंचाई करते हुए कहा कि अगर कानून के शासन के प्रति जरा भी सम्मान की भावना है तो वह आदेश को लागू करे।

न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा कि राज्य सात साल पहले उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी आदेश को लागू करने में नाकाम रहा है।

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हरित अधिकरण ने कहा कि हालांकि राज्य के वकील ने दलील दी कि कदम उठाए गए हैं लेकिन रिकॉर्ड पर ऐसा कुछ नहीं उपलब्ध है ।

पीठ ने कहा, ‘‘आगे तेजी से कदम उठाएं और 31 दिसंबर, 2020 को उत्तरप्रदेश के संबंधित प्रधान सचिव के हलफनामे के रूप में रिकॉर्ड पर स्थिति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।’’

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पीठ ने कहा, ‘‘निरीक्षण समिति भी मामले में अलग से अपनी रिपोर्ट दे सकती है । अगली सुनवाई के पहले ई-मेल के जरिए रिपोर्ट दाखिल किए जाएं। ’’

एनजीटी ने कहा कि ऐसा लगता है कि राज्य के प्राधिकार ने मुद्दे पर विचार नहीं किया और राज्य की ओर से दाखिल हलफनामे में भी मुद्दे के समाधान का जिक्र नहीं किया गया।

पीठ उत्तरप्रदेश निवासी गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी । उन्होंने उत्तरप्रदेश के रिहायशी क्षेत्रों खासकर मथुरा शहर में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के संचालन के संबंध में याचिका दायर की थी।

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