देश की खबरें | राजस्थान की नयी पर्यटन नीति को मंजूरी, नशा मुक्ति केन्द्रों के संचालन के लिए बनेंगे नियम
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जयपुर, दो सितंबर राजस्थान की नयी पर्यटन नीति को बुधवार को मंजूरी दे दी गयी।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में राज्य की नयी पर्यटन नीति-2020 का अनुमोदन करने के साथ ही कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए। एक फैसला कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान मदद के लिए कर्मचारियों से लेकर विधायकों व मुख्यमंत्री तक के मासिक वेतन के कुछ हिस्से की कटौती करने का भी है। इस राशि का इस्तेमाल इस महामारी से प्रभावित लोगों की मदद के लिए किया जाएगा।
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सरकारी बयान के अनुसार राज्य के पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस नई नीति में पर्यटन विकास के नीतिगत दिशा-निर्देश प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य पर्यटन सलाहकार समिति के गठन तथा नीति के समयबद्ध क्रियान्वयन, निगरानी व समीक्षा के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सम्बन्धित विभागों के सचिवों की राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति के गठन का प्रावधान किया गया है।
इस नीति में जिला कलेक्टरों की अध्यक्षता वाली वर्तमान जिला पर्यटन विकास समिति को अधिक कार्यकारी शक्तियां प्रदान की गई हैं।
मंत्रिमंडल ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों, झालावाड़ मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल सोसायटी तथा राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में एनआरआई कोटे की सीटों के लिए एकमुश्त फीस के स्थान पर 'सेमेस्टर के अनुसार फीस प्राप्त किए जाने को मंजूरी दी है। इससे इन महाविद्यालयों की एनआरआई कोटे की सभी सीटें भरी जा सकेगी और यह महाविद्यालय आत्मनिर्भर हो सकेंगे।
मंत्रिमंडल ने नशा मुक्ति केन्द्रों के संचालन के लिए नियम बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। इसके तहत कैबिनेट ने एनडीपीएस अधिनियम-1985 की धारा 78 व सपठित धारा 71 के अन्तर्गत अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा नियम जारी किए जाने को मंजूरी दी।
कैबिनेट ने राजस्थान भिखारियों या निर्धन व्यक्तियों के पुनर्वास नियम-2020 को अधिसूचित करने को भी मंजूरी दी है। इससे भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों का पुनर्वास होगा।
कैबिनेट ने नागौर जिले के मारवाड़ मूण्डवा गांव में अम्बुजा सीमेन्ट लिमिटेड को सीमेन्ट कारखाना लगाने के लिए एक वर्ष का समय और देने का निर्णय किया है। इससे जिले में करीब 2 हजार करोड़ रुपये के निवेश और करीब 5 हजार व्यक्तियों को प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से रोजगार मिल सकेगा।
इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने कोरोना वायरस संक्रमण में सहायता के लिए मुख्यमंत्री से लेकर कर्मचारियों तक के वेतन का कुछ हिस्सा सितम्बर माह से काटने को मंजूरी दी है। इसके तहत मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, अखिल भारतीय राज्य सेवा के अधिकारी, अधीनस्थ सेवा तथा अन्य राज्य कर्मचारियों के वेतन में कटौती किए जाने का भी निर्णय कियाा गया है।
निर्णय के अनुसार मुख्यमंत्री, मंत्री व राज्यमंत्रियों के प्रत्येक माह के सकल वेतन से सात दिवस का वेतन प्रतिमाह, समस्त विधायकों के सकल वेतन से एक दिवस का वेतन प्रतिमाह, अखिल भारतीय एवं राज्य सेवा के अधिकारियों का दो दिवस का तथा अधीनस्थ सेवा व अन्य राज्य कर्मचारियों के सकल वेतन में से एक दिवस का वेतन प्रतिमाह कटौती कर मुख्यमंत्री सहायता कोष (कोरोना वायरस संक्रमण सहायता) में जमा कराया जाएगा। यह कटौती सितम्बर 2020 से की जाएगी। इस राशि का उपयोग कोविड महामारी से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए किया जाएगा।
यह कटौती प्रस्ताव राजस्थान उच्च न्यायालय व अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायाधीशों तथा अधिकारियों एवं कार्मिकों, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, चिकित्सा शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों, पुलिस कान्स्टेबल तथा एल-1 से एल-4 के वेतनमान में कार्यरत राज्य सरकार के समस्त कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।
पृथ्वी कुंज
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 02, 2020 11:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

