नयी दिल्ली, 19 अगस्त कनार्टक में एक नए रेल पुल के बन जाने से देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी को जल्दी ही वहां अपने कुडगी तापीय बिजली संयंत्र के लिए कोयला लाने में धन और समय की भारी बचत हो सकती है।
कंपनी ने बुधवार को एक बयान में कहा, ‘‘एनटीपीसी भीमा नदी पर नये पुल के
बनजानेसेकर्नाटक स्थित कुडगी सुपर थर्मल पावर स्टेशन को कोयले की आपूर्ति के लिए परिवहन लागत कम हो पाएगी। इस पुल पर आवागमन शुरू होने परपरिवहन लागत में लगभग 200-500 रुपये प्रति टन की कमी आएगी और बिजली की उत्पादन लागत में भी कटौती संभव होगी। आवागमन का समय भी 8-15 घंटे कम हो जाएगा।’’
नए पुल के मामले में एनटीपीसी दक्षिण पश्चिम रेलवे से अंतिम अनुमोदन की अधिसूचना का इंतजार कर रही है। मंजूरी मिलते ही इस पुल पर परिचालन शुरू कर देगी।
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बयान के अनुसार दक्षिण पश्चिम रेलवे लाइन पर नवनिर्मित 670 मीटर लंबा पुल रेलवे और एनटीपीसी के कुडगी बिजलीघर दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा। एक तरफ यह बिजली उत्पादन की लागत में कमी लाने में सहायक होगा और दूसरी तरफ रेलवे के लिए भी अपने उपलब्ध बुनियादी ढांचे के साथ अधिक माल की ढुलाई को संभव बनाएगा।
इसके अलावा, दोहरी लाइनों की उपलब्धता के साथ, महाराष्ट्र के शोलापुर से कर्नाटक के गडग तक यात्रा का समय भी कम हो जाएगा, जिससे यात्रियों के समय की बचत होगी।
एनटीपीसी ने महाराष्ट्र में होटगी से कर्नाटक के कुडगी तक (134 किलोमीटर) की मौजूदा पटरियों की लाइनों के दोहरीकरण के लिए सहायता प्रदान की है। साथ ही भीमा नदी पर दो पुलों के निर्माण में सहयोग किया है।
वर्तमान में इस लाइन पर 50 साल से अधिक पुराना एक पुल है, जिस पर भारी लोड वाले माल की ढुलाई करने में मुश्किल आती है। इस वजह से अधिकांश यातायात को गुंटाकल के माध्यम से बेल्लारी-गडग मार्ग पर मोड़ दिया जाता है।
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