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Nilambur Assembly by-Poll: नीलांबुर विधानसभा सीट के लिए मतदान प्रतिशत 2021 के चुनाव से थोड़ा अधिक रहा

निर्वाचन आयोग द्वारा शुक्रवार को जारी अंतिम आंकड़ों के अनुसार नीलांबुर विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में मतदान प्रतिशत राज्य में 2021 के चुनाव के दौरान दर्ज मतदान प्रतिशत से थोड़ा अधिक रहा. उपचुनाव में कुल मतदान 75.27 प्रतिशत रहा जो 2021 के विधानसभा चुनाव में इस निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज 75.20 प्रतिशत मतदान से थोड़ा अधिक है.

Nilambur Assembly by-Poll: नीलांबुर विधानसभा सीट के लिए मतदान प्रतिशत 2021 के चुनाव से थोड़ा अधिक रहा

मलप्पुरम (केरल), 20 जून : निर्वाचन आयोग द्वारा शुक्रवार को जारी अंतिम आंकड़ों के अनुसार नीलांबुर विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में मतदान प्रतिशत राज्य में 2021 के चुनाव के दौरान दर्ज मतदान प्रतिशत से थोड़ा अधिक रहा. उपचुनाव में कुल मतदान 75.27 प्रतिशत रहा जो 2021 के विधानसभा चुनाव में इस निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज 75.20 प्रतिशत मतदान से थोड़ा अधिक है. बृहस्पतिवार देर रात तक जारी आंकड़ों के अनुसार 73.26 प्रतिशत मतदान हुआ था. मतगणना 23 जून को होगी.

मतदान बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह सात बजे शुरू हुआ जो शांतिपूर्ण रहा. मतदान के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बल और राज्य पुलिस की तैनाती की गई थी और व्यापक ‘वेबकास्टिंग सिस्टम’ के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की गई थी. पहले दो घंटों में मतदान प्रतिशत 13.15 था, जो सुबह 11 बजे तक बढ़कर 30.15 प्रतिशत हो गया, तथा अपराह्न तीन बजे तक 60 प्रतिशत के करीब पहुंच गया. शाम पांच बजे यह 70 प्रतिशत को पार कर गया. पूरे निर्वाचन क्षेत्र में 263 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ, जिसमें 2.32 लाख मतदाता अपने मताधिकारों का इस्तेमाल करने के पात्र थे. चुनाव मैदान में 10 उम्मीदवार हैं. यह भी पढ़ें : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में नदी में बहे दो महिलाएं और दो बच्चे

इन 10 उम्मीदवारों में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के एम. स्वराज, कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के आर्यदान शौकत, तृणमूल कांग्रेस की राज्य इकाई के संयोजक एवं निर्दलीय पी. वी. अनवर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के मोहन जॉर्ज प्रमुख हैं. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके करीबी सहयोगियों के खिलाफ आरोप लगाने के बाद अनवर ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत एलडीएफ से नाता तोड़ते हुए इस निर्वाचन क्षेत्र के विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद उपचुनाव की जरूरत पड़ी.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 20, 2025 02:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).