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रेलवे अधिनियम को मजबूत बनाने की जरूरत, इस दिशा में कदम उठाएंगे: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

'अग्निपथ' योजना के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान देश के कुछ हिस्सों में ट्रेन सेवाओं के बाधित होने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने के मद्देनजर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि सरकार रेलवे की संपत्ति की रक्षा के लिए रेलवे अधिनियम को और मजबूत करने की दिशा में काम करेगी.

रेलवे अधिनियम को मजबूत बनाने की जरूरत, इस दिशा में कदम उठाएंगे: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Photo Credits: Twitter)

नयी दिल्ली, 18 जून : 'अग्निपथ' योजना के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान देश के कुछ हिस्सों में ट्रेन सेवाओं के बाधित होने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने के मद्देनजर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने शनिवार को कहा कि सरकार रेलवे की संपत्ति की रक्षा के लिए रेलवे अधिनियम को और मजबूत करने की दिशा में काम करेगी. वैष्णव ने 'टीवी9 ग्लोबल समिट' में प्रदर्शनकारियों से कानून हाथ में न लेने की भी अपील की. उन्होंने कहा, ''सरकार आपकी सभी चिंताओं को सुनेगी और उनका समाधान किया जाएगा.''

सशस्त्र बलों में अल्पकालिक आधार पर भर्ती के लिए केंद्र की ओर से पेश की गई 'अग्निपथ' योजना के खिलाफ बिहार और अन्य राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनों के दौरान शुक्रवार को 340 से अधिक ट्रेन प्रभावित हुईं और सात से अधिक ट्रेन में आग लगा दी गई. वैष्णव ने कहा, ''हमें यह समझना होगा कि रेलवे आपकी अपनी संपत्ति है और यह उस वर्ग को सेवा प्रदान करती है, जो उड़ानों का खर्च नहीं उठा सकते और जहां उड़ान सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं.'' यह भी पढ़ें : ‘अग्निपथ’ योजना: प्रदर्शनकारियों ने अलवर जिले में जयपुर-दिल्ली राजमार्ग अवरुद्ध किया

उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि रेलवे अधिनियम को और मजबूत बनाने की जरूरत है तथा हम इस पर काम करेंगे ताकि रेलवे संपत्ति की और अच्छी तरह सुरक्षा की जा सके.'' फिलहाल रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 151 के तहत मामला दर्ज किया जाता है, जिसमें अधिकतम सात साल की कैद का प्रावधान है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 18, 2022 02:16 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).