नयी दिल्ली, सात सितंबर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने शनिवार को गाजियाबाद के दुहाई स्थित आरआरटीएस डिपो पर 'मेरठ मेट्रो' का अनावरण किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि एक ट्रेन में 700 से अधिक लोग एक बार में यात्रा कर सकते हैं । इसमें 173 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। डिब्बे में कुशन वाली सीट लगायी गयी है।
अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (पीएसडी) लगाए जाएंगे और इससे भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी। पुश बटन के माध्यम से चुनिंदा दरवाजा खोलने से ऊर्जा की खपत कम हो जाती है।
एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल ने कहा कि 'मेरठ मेट्रो' शहर की परिवहन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी जिससे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचना आसान हो जाएगा, उत्पादकता और जीवन की समग्र गुणवत्ता में वृद्धि होगी।
गोयल ने कहा, "एक आधुनिक, विश्वसनीय और तेज परिवहन प्रणाली प्रदान करके यह यात्रा के समय को कम करेगा, यातायात जाम को कम करेगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।"
अधिकारियों ने बताया कि मेक इन इंडिया के दिशा-निर्देशों के तहत मेरठ मेट्रो के लिए डिब्बे भारत में ही बनाए जा रहे हैं। इनका निर्माण गुजरात के सावली में किया जा रहा है। एनसीआरटीसी को अब तक पांच मेरठ मेट्रो ट्रेनसेट सौंपे जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि मेरठ मेट्रो कॉरिडोर 23 किलोमीटर तक फैला है जिसमें 13 स्टेशन हैं जिनमें 18 किलोमीटर उपरिगामी और पांच किलोमीटर भूमिगत सेक्शन शामिल हैं। नौ स्टेशन उपरिगामी हैं, तीन भूमिगत हैं और एक स्टेशन (डिपो स्टेशन) ग्रेड पर होगा। ये आधुनिक ट्रेन 23 किलोमीटर की यह दूरी 30 मिनट में तय करेंगी।
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