मुंबई, चार जून निसर्ग चक्रवात ने कमजोर होकर बेहद कम दबाव के क्षेत्र का रूप ले लिया है और यह बृहस्पतिवार शाम को मध्य प्रदेश के मध्य भाग के ऊपर बना हुआ है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी।
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चक्रवात बुधवार दोपहर को रायगढ़ जिले में पहुंचा था लेकिन मुंबई पर इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा।
चक्रवाती तूफान के कमजोर होने से पहले, इसके कारण मुख्य रूप से महाराष्ट्र के तटीय रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में मकानों और फसलों को नुकसान पहुंचा।
महाराष्ट्र सरकार के वक्तव्य के अनुसार, चक्रवात से संबंधित घटनाओं में छह लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और 16 लोग घायल हुए।
वक्तव्य में बताया कि चक्रवात के कारण छह मवेशी भी मारे गए।
कई क्षेत्रों में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए।
रायगढ़ जिले के कुछ भाग अंधेरे में डूब गए और क्षेत्र में टेलीफोन संपर्क भी प्रभावित हुआ।
आईएमडी ने कहा, “दक्षिण मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के ऊपर बना हुआ कम दबाव का क्षेत्र (चक्रवाती तूफान निसर्ग का अवशेष) उत्तर-उत्तर पूर्व की ओर बढ़ गया और कमजोर होते हुए इसने आज भारतीय समयानुसार शाम साढ़े पांच बजे मध्य प्रदेश के मध्य भाग के ऊपर बेहद कम दबाव के क्षेत्र का रूप ले लिया।”
विभाग ने कहा, “इसके धीरे-धीरे और कमजोर होने की पूरी संभावना है।”
आईएमडी के अनुमान के मुताबिक, मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में “हल्की बारिश” और “अगले 24 घंटे में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।”
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने चक्रवात के कारण रायगढ़ में हुए नुकसान पर अधिकारियों से दो दिन में रिपोर्ट तलब की है।
ठाकरे ने चक्रवात में मारे गए लोगों के परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।
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