विदेश की खबरें | नाटो नेता यूक्रेन को बड़ी मदद देने की तैयारी में, पर सदस्यता फिलहाल ठंडे बस्ते में
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

उन्होंने हालांकि, बताया कि यूक्रेन की सदस्यता पर निकट भविष्य में बातचीत शुरू नहीं होगी।

नाटो का दो दिवसीय शिखर सम्मेलन अगले सप्ताह मंगलवार से लिथुआनिया की राजनधानी विलिनियस में आयोजित की जा रही है जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके समकक्ष, साझेदार के तौर पर यूक्रेन में रक्षा पर खर्च बढ़ाने, हथियारों एवं गोला बारूद की आपूर्ति करने एवं वर्दी एवं चिकित्सा सामग्री मुहैया कराने पर सहमत होंगे। यूक्रेन 17 महीने से रूस के हमले का सामना कर रहा है।

अधिकारी ने बताया कि उम्मीद है कि नाटो के नेता विश्व के सबसे बड़े सैन्य संगठन में स्वीडन का बतौर नया सदस्य स्वागत करेंगे बशर्ते वे तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोआन की आपत्तियों को दूर कर लेते हैं। अगर ऐसा होता है तो भी स्वीडन के सदस्य बनने की आधिकारिक घोषणा आने वाले महीनों में ही की जाएगी।

नाटो के महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘ गत 500 दिनों से मॉस्को यूरोप के हृदय में मौत और विनाश का तांडव कर रहा है। वह यूक्रेन को नष्ट और नाटो को विभाजित करना चाहता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ सम्मेलन में हम यूक्रेन को और मजबूत बनाएंगे और उसके भविष्य को लेकर दृष्टिकोण पेश करेंगे। सहायता के लिए बहुवर्षीय कार्यक्रम पर सहमत होंगे ताकि यूक्रेन के सशस्त्र बलों और नाटो के बीच अंतर-अभियान समन्वय सुनिश्चित हो सके। ’’

स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि नाटो-यूक्रेन परिषद की स्थापना की जाएगी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की बुधवार को विलिनियस में होने वाली बैठक में शामिल होंगे।

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