जरुरी जानकारी | राष्ट्रीय हथकरघा दिवस: सरकार पोर्टल शुरु करेगी और सोशल मीडिया पर प्रचार अभियान चलायेगी

नयी दिल्ली, छह अगस्त राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर शुक्रवार को एक हथकरघा पोर्टल की शुरुआत की जायेगी और बुनकर समुदाय को गौरवान्वित करने के लिए एक सोशल मीडिया अभियान भी शुरु किया जायेगा। कपड़ा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

इस अवसर पर हैंडलूम मार्क योजना के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन और बैकएंड वेबसाइट भी लॉन्च की जाएगी। कपड़ा मंत्रालय कोविड-19 महामारी को देखते हुए सार्वजनिक सभा से बचने के लिए एक आभासी मंच के माध्यम से समारोह का आयोजन कर रहा है।

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वर्ष 1905 में सात अगस्त को ही देश में स्वदेशी आंदोलन शुरु किया गया था और इसी दिन को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में चुना गया है। इसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर लोगों के बीच, हथकरघा उद्योग तथा सामाजिक-आर्थिक विकास में इसके योगदान के बारे में जागरूकता पैदा करना है।

कपड़ा मंत्रालय ने कहा कि इस मौके पर आम नागरिकों के बीच हथकरघा बुनाई करने वाले कारीगरी के सम्मान के लिए, हथकरघा बुनाई समुदाय के संदर्भ में एक सोशल मीडिया अभियान चलाने की योजना बनाई गई है।

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इसमें कहा गया है, ‘‘प्रधान मंत्री ने आग्रह किया है कि भारतीय हथकरघा और हस्तशिल्प का उपयोग करना, हम सभी का प्रयास होना चाहिए और उनके बारे में अन्य लोगों को भी बताना चाहिए। इन उत्पादों की समृद्धि और विविधता के बारे में दुनिया जितना अधिक जानेगी, उतना ही हमारे कारीगर और बुनकरों को फायदा होगा।

हथकरघा क्षेत्र भारत की शानदार सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और देश में आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। यह क्षेत्र महिला सशक्तीकरण के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हथकरघा और संबद्ध क्षेत्रों में काम करने वाली 70 प्रतिशत श्रमिक, महिलाएं ही हैं।

मंत्रालय ने कहा है, ‘‘कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने सभी केंद्र सरकार के मंत्रियों, लेफ्टिनेंट गवर्नरों, राज्यों के मुख्यमंत्रियों, संसद सदस्यों और दोस्तों और परिवार के साथ प्रतिष्ठित उद्योगपतियों से अपील की है कि वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से बुनकर समुदाय के साथ एकजुटता व्यक्त करें ताकि दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित किया जा सके।’’

सरकार, अभूतपूर्व कोविड-19 महामारी के कारण तथा प्रदर्शनियों और मेलों इत्यादि जैसे पारंपरिक विपणन कार्यक्रमों को आयोजित न कर पाने की विवशता के कारण बुनकरों और हथकरघा उत्पादकों को ऑनलाइन विपणन के अवसर प्रदान कर रही है।

हथकरघा निर्यात संवर्धन परिषद एक आभासी मेले का आयोजन कर रही है। यह मेला देश के विभिन्न क्षेत्रों के 150 से अधिक प्रतिभागियों को अपने उत्पादों को अद्वितीय डिजाइन और कौशल के साथ प्रदर्शित करेगा।

भारतीय कपड़ा सोर्सिंग मेला 7, 10 और 11 अगस्त को खुला रहेगा। इसमें पटोला, पैठनी, इकट, कनदांगी, महेश्वरी, वेंकटगिरी साड़ी जैसे विशिष्ट भौगोलिक पहचान वाले उत्पाद मिलेंगे।

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