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देश की खबरें | गोल्फ, स्कूल खेलों, नौकायन के राष्ट्रीय महासंघों को सरकार से अस्थायी मान्यता मिली

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देश की खबरें | गोल्फ, स्कूल खेलों, नौकायन के राष्ट्रीय महासंघों को सरकार से अस्थायी मान्यता मिली
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नयी दिल्ली, 19 जून खेल मंत्रालय ने अपने पहले के फैसले की समीक्षा के बाद गोल्फ, स्कूल खेलों और नौकायन के राष्ट्रीय शासी निकायों को अस्थायी मान्यता देने का फैसला किया है।

दिल्ली उच्च न्यायालय में खेल मंत्रालय ने एक याचिका दायर की जिसके बाद इस बारे में पता चला।

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मंत्रालय से 11 मई को सितंबर तक के लिए 54 राष्ट्रीय खेल महासंघों को अस्थाई मान्यता दी थी लेकिन भारतीय गोल्फ संघ (आईजीयू), भारतीय स्कूल खेलों महासंघ (एसजीएफआई) और भारतीय नौकायन महासंघ (आरएफआई) को मान्यता नहीं दी थी।

राष्ट्रीय खेल महासंघों की मान्यता आम तौर पर वार्षिक होती है, लेकिन इस बार मंत्रालय ने इसे सितंबर तक ही बढ़ाने का फैसला किया जिस पर भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा के सवाल उठाया था।

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मंत्रालय ने 16 जून को एक हलफनामे में आईजीयू, एसजीएफआई और आरएफआई के ‘ सरकारी मान्यता के निलंबन / रोक को बहाल करने के अपने निर्णय की जानकारी दी।

आईजीयू की मान्यता को 11 नवंबर 2018 को चुनाव नहीं करने के कारण खत्म कर दिया गया था क्योंकि अलीपुर की जिला अदालत ने 15 दिसंबर, 2018 को होने वाली वार्षिक आम सभा (एजीएम) की बैठक पर रोक लगा दी।

कोलकाता उच्च न्यायालय ने इस साल 19 फरवरी को एक आदेश में एजीएम रखने पर रोक लगा दी। आईजीयू ने तब 23 मार्च को चुनाव कराने का फैसला किया लेकिन कोरोना वायरस के कारण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के मद्देनजर उसे स्थगित करना पड़ा।

आईजीयू ने इसके बाद सरकारी मान्यता के विस्तार के लिए अनुरोध किया। मंत्रालय ने अदालत को सूचित किया कि इसे मान लिया गया है।

मंत्रालय ने हलफनामे में कहा, ‘‘ कोविड- -19 के कारण उत्पन्न अभूतपूर्व स्थिति के मद्देनजर और ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके या क्वालीफाई करने की संभावना वाले खिलाड़ियों की मदद के लिए मंत्रालय ने 30 सितंबर, 2020 तक आईजीयू को अस्थायी मान्यता देने का निर्णय लिया है जैसा कि 54 अन्य एनएसएफ के मामले में किया गया।’’

सुशील कुमार की अगुवाई वाली एसजीएफआई की कुप्रबंधन के कारण मान्यता खत्म कर दी गयी थी। कुप्रबंधन के कारण लड़कियों की हॉकी टीम एडिलेड में पैसीफिक स्कूल खेलों 2017 में एक मैच के लिए समय पर कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच पाई और लड़कियों की फुटबॉल टीम के सदस्य की डूबने के कारण मौत हो गई थी।

लेकिन समीक्षा के दौरान, मंत्रालय ने महसूस किया कि एसजीएफआई के निरंतर निलंबन से स्कूली बच्चों के खेल और अकादमिक करियर पर असर पड़ेगा क्योंकि उनमें से अधिकांश समाज के कमजोर वर्गों के हैं और वे वित्तीय सहायता, प्रायोजन और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश से वंचित होंगे।

पिछले साल दिसंबर में हुए चुनावों के बाद खेल संहिता का उल्लंघन करने के बाद आरएफआई की मान्यता को इस साल एक फरवरी से निलंबित कर दी गयी थी। आरएफआई ने बाद में अपने संविधान में संशोधन किया और 2020-2024 के लिए 22 फरवरी को चुनाव करवाया जिसे मंत्रालय ने मान लिया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 19, 2020 06:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).