Narakasura: दिवाली नजदीक आते हीं पुतले बनाने में जुटे गोवा के युवा
भगवान कृष्ण की जीवन लीला में नरकासुर की कहानी से जुड़ी गोवा की दिवाली परंपरा के तहत युवा नरकासुर के पुतले बनाने में जुट गए हैं. पूरे उत्साह से पुतले बना रहे युवाओं का एक ही लक्ष्य है कि नरकासुर को भयंकरतम रूप देना.
पणजी, 21 अक्टूबर : भगवान कृष्ण की जीवन लीला में नरकासुर की कहानी से जुड़ी गोवा की दिवाली परंपरा के तहत युवा नरकासुर के पुतले बनाने में जुट गए हैं. पूरे उत्साह से पुतले बना रहे युवाओं का एक ही लक्ष्य है कि नरकासुर को भयंकरतम रूप देना. दक्षिण गोवा के पोंडा तालुका के नगुएशी गांव के आदित्य कनकोंकर ने बताया कि ये पुतले 20 मीटर तक ऊंचे होते हैं और इन्हें बनाने का ज्यादातर काम रात को किया जाता है. कनकोंकर गोवा के नगुएशी यूथ क्लब से जुड़े हुए हैं. इस क्लब ने दिवाली पर हर साल होने वाले वार्षिक नरकासुर वध प्रतियोगिता में तमाम पदक जीते हैं.
सामान्य रूप से घास-फूस और कपड़ों से बने इन पुतलों को विभिन्न प्रतियोगिताओं में दर्शाया जाता है. ज्यादातर प्रतियोगिताएं दक्षिण गोवा के मारगाव और उत्तरी गोवा के पोरवोरिम में होती हैं. कनकोंकर ने कहा, ‘‘हमारा क्लब 2005 से पुतले बना रहा है. इससे पहले मेरे पिता और उनके मित्र पुतले बनाते थे. यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है.’’ यह भी पढ़ें : Haryana: हरियाणा में दिवाली पर केवल हरित पटाखे जलाने की अनुमति होगी- मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
नागुएशी यूथ क्लब के एक अन्य सदस्य शिवदास नाइक के अनुसार, प्रतियोगिता में जीत पुतले के चेहरे पर निर्भर करती है. उन्होंने कहा, ‘‘नरकासुर जितना भयावह नजर आएगा, प्रतियोगिता जीतने की संभावना भी उतनी ही प्रबल होगी. नरकासुर का चेहरा मायने रखता है. वह डरावना होना चाहिए.’
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 20, 2022 03:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

