देश की खबरें | नड्डा बंगाल सरकार के बारे में ‘झूठ’ बोल रहे, महामारी के बीच भाजपा को वोटों की भूख : तृणमूल
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोलकाता, 10 सितंबर तृणमूल कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा पर "झूठ बोलने" का आरोप लगाया और कहा कि जिन लोगों ने नयी शिक्षा नीति में शास्त्रीय ओं की सूची से बांग्ला को बाहर रखा है, उन्हें रवींद्रनाथ टैगोर की विरासत को लेकर दूसरों को व्याख्यान नहीं देना चाहिए।

इससे पहले नड्डा ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार की नीतियां ‘‘हिन्दू विरोधी’’ मानसिकता और ‘‘तुष्टीकरण’’ की राजनीति से प्रेरित हैं।

यह भी पढ़े | Coronavirus In Maharashtra: महाराष्ट्र में 24 घंटे में कोरोना के 23,446 नए केस, संक्रमितों का आंकड़ा 10 लाख के करीब.

नड्डा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस समर्थित भू माफिया ने शांतिनिकेतन स्थित विश्व भारती विश्वविद्यालय में यहां तक कि रवींद्रनाथ टैगोर की विरासत को भी कलंकित किया।

तृणमूल के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि बंगाल के लोगों को उन लोगों से कोई सीख लेने की जरूरत नहीं हैं ‘‘जिन्होंने ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया था।’’

यह भी पढ़े | Gujarat: अरावली जिले में मर चुका मजदूर लौटा घर, पुलिस ने भाईयों को बनाया था उसकी हत्या का आरोपी- इंस्पेक्टर सस्पेंड.

उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली और कोलकाता में भाजपा नेताओं को राज्य सरकार के खिलाफ झूठ और दुष्प्रचार बंद करना चाहिए। वे हमें बता रहे हैं कि कोविड ​​की स्थिति से कैसे निपटा जाए। मैं पूछना चाहूंगा कि उनका रिकॉर्ड क्या है ... भगवा पार्टी को सिर्फ वोटों की भूख है, तब भी राज्य महामारी से जूझ रहा है।’’

पिछले साल 14 मई को तृणमूल और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के दौरान 19 वीं सदी के समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।

इसके लिए दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाया था।

चटर्जी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘रवींद्रनाथ टैगोर की विरासत को संरक्षित करने के लिए उन्होंने क्या किया है? अगर वे इस बारे में चिंतित हैं, तो उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शास्त्रीय ओं की सूची से बांग्ला को बाहर नहीं करना चाहिए था। यह बंगाली लोगों और हमारी के प्रति उनकी मानसिकता को दर्शाता है। ’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)