देश की खबरें | अरुणाचल के साथ सीमा विवाद सुलझाने के लिए समझौता ज्ञापन पर जल्द हस्ताक्षर होने की संभावना : अतुल बोरा

गुवाहाटी, 18 अप्रैल असम और अरुणाचल प्रदेश की सरकारें दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने के लिए इस महीने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर सकती है। असम सरकार में मंत्री अतुल बोरा ने यह जानकारी दी।

अतुल बोरा ने कहा कि असम ने अपनी ओर से एमओयू के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया है और इसे मंजूरी के लिए पड़ोसी राज्य अरुणाचल प्रदेश को भेजेगा।

बोरा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार शाम को हुई बैठक के बाद कहा, ‘‘समझौता ज्ञापन के मसौदे पर गहन चर्चा की गई और इसे अंतिम रूप दिया गया। प्रतिलिपि अब उनके साथ साझा की जाएगी, और यदि वे सहमत हैं, तो हम उम्मीद करते हैं कि इस पर 20 अप्रैल तक या कम से कम इस महीने के भीतर हस्ताक्षर हो जाएंगे।’’

उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में दोनों राज्यों द्वारा इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

सीमा क्षेत्र सुरक्षा और विकास मंत्री अतुल बोरा ने कहा, ‘‘हालांकि, हम यह नहीं कह सकते कि समझौता ज्ञापन अंतिम समाधान होगा। अदालत और संसद भी हैं।’’

समझौता ज्ञापन के मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए हुई बैठक में असम की 12 क्षेत्रीय समितियों के सदस्य, स्थानीय विधायक, सांसद और जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे।

हिमंत विश्व शर्मा और अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने पिछले साल 15 जुलाई को नामसाई घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके बाद से ही दोनों राज्य सीमा विवादों को हल करने के लिए चर्चा में जुटे हुए हैं। दोनों राज्यों ने जल्द ही समाधान खोजने का संकल्प लिया है।

दोनों पूर्वोत्तर राज्यों ने 'विवादित गांवों' की संख्या को 123 के बजाय 86 तक सीमित करने का फैसला किया था। दोनों राज्य 804.10 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं।

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